न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इलाकाई खामोशी से इस बार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ का चुनाव दिलचस्प मोड़ पर है। करीब 19 हजार मतदाता किस करवट बैठेंगे, यह कहना अभी मुश्किल है। कुछ सीटों पर तो दो की लड़ाई में तीसरे प्रत्याशी को फायदा पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। चुनाव मैदान में भारतीय क्रिकेटर मो. शमी के बहनाई मो. गजनवी एवं राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर रशादी के पुत्र हुजैफा आमिर भी किस्मत अजमा रहे हैं।
आज एएमयू छात्र संघ का चुनाव है। अध्यक्ष पद पर हिंदी के रिसर्च स्कॉलर मो. गजनवी चुनाव मैदान में हैं। यह एसएस हॉल नार्थ में रहते हैं। मूलरूप से अमरोहा के हैं। यह क्रिकेटर मो. शमी के भी बहनोई है। दूसरे प्रत्याशी एम सलमान इम्तियाज हैं जो सोशल वर्क से रिसर्च स्कालर हैं।
यह हाथी डुब्बा स्थित जोहरा अपार्टमेंट के निवासी है। इसके अतिरिक्त अरेबिक विभाग के रिसर्च स्कॉलर मो. अलाउद्दीन, लोक प्रशासन के रिसर्च स्कॉलर मुबाशिर हुसैन शाह एवं बीए के छात्र असद मुर्तजा चुनाव मैदान में है।
अलाउद्दीन बिहार के हैं और एसएस नार्थ में रहते हैं। जबकि मुबाशिर हुसैन शाह का ताल्लुक जम्मू-कश्मीर से है और वह वीएम हॉल में रहते हैं। असद मुर्तजा मैदान में तो है लेकिन फाइनल स्पीच में नहीं पहुंचे। उपाध्यक्ष पद पर एमए के यासीन गाजी, एमएसडब्लू के जैद शेरवानी, एमए के हमजा सुफियान व मो. आरिफ खान तथा एमटेक के सोनवीर सिंह मैदान में है। सचिव पद पर भी दिलचस्प मुकाबला है।
एमए के हुजायफा आमिर राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर रशादी के पुत्र हैं। इसके अतिरिक्त पीएचडी के सलमान अहमद एवं गुफरान अली तथा एमए के मो. सूफियान चुनाव मैदान में हैं। एएमयू छात्र संघ चुनाव में इलाकाई नेताओं की खामोशी से प्रत्याशियों की परेशानी बहुत बढ़ गयी है। जुमे की रात प्रत्याशियों के लिए कत्ल की रात जैसी है।