न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का किशनगंज सेंटर बंद होने के कगार पर है। वर्तमान सत्र में बीएड में दाखिला बंद है। जबकि एमबीए में सिर्फ 9 दाखिला हुए हैं। इसको लेकर छात्रों में केंद्र सरकार के खिलाफ तीव्र आक्रोश है। छात्र इसे मुद्दा बनाकर आंदोलन की तैयारी में हैं।
अलीगढ़ से बाहर एएमयू के तीन सेंटर है। केरल के मल्लापुरम, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद एवं बिहार के किशनगंज में सेंटर बने हुए है। छात्रों की माने तो भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से एएमयू केंद्रों की स्थिति खराब होने लगी।
बिहार के किशनगंज स्थित सेंटर सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। उसके बंद होने की आशंका से छात्रों में तीव्र आक्रोश है। कुछ लोग तो छात्र एवं पूर्व छात्रों की मदद से सेंटर को बचाने का सुझाव भी देने लगे है। एएमयू के निवर्तमान कोर्ट सदस्य नजमुस साकिब ने बताया कि एएमयू के किशनगंज सेंटर पर दो कोर्स संचालित होती है।
इस साल एमबीए में सिर्फ 9 छात्रों ने एडमिशन लिया है। वहीं बीएड कोर्स में एनसीटीई से अनुमति नहीं मिलने के कारण इस कोर्स में एडमिशन बंद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत सरकार सेंटर बंद कराना चाहती है। किशनगंज सेंटर को लेकर छात्र एएमयू में मार्च करना चाहते थे।
लेकिन कुछ कारण से अभी इसे टाल दिया गया है। लेकिन आने वाले समय में यह मामला तूल पकड़ सकता है। इस संबंध में कोशिश के बावजूद सेंटर के डायरेक्टर से बात नहीं हो सकी। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि किशनगंज सेंटर पर समस्याएं है। वहां के डायरेक्टर ने अवगत कराया है। एनसीटीई से बीएड कोर्स की मान्यता के लिए प्रयास चल रहा है।