न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इगलास तहसील का गांव सीतापुर आज तक कभी डा. आंबेडकर गांव योजना, लोहिया गांव या जनेश्वर मिश्र गांव योजना में नहीं चुना गया है। ये गांव भाजपा सरकार की सांसद आदर्श ग्राम योजना और ग्राम स्वराज योजना में भी नहीं शामिल है।
हां.. एक बात जरूर खास है। इस गांव के एक उच्च शिक्षित डॉ. लोकेश शर्मा का जुनून। लोकेश ने इसलिए पहले अपनी मां राकेश कुमारी को वर्ष 2015-16 में प्रधानी का चुनाव जितवाया और उसके बाद तीन साल में गांव की काया पलट दी।
उनकी जिद की हद ये है कि वर्तमान में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से 50 लाख रुपये की मदद मांगी गई है, जिससे गांव के चकरोड पक्के कराए जाएंगे। मदद जल्द ही मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने 18 लाख रुपये से गांव में सड़क बनवाई है। सांसद, विधायक, ब्लाक प्रमुख और बीडीसी सबसे इस गांव में कुछ न कुछ काम कराया गया है।
लोकेश का ये जुनून बाकी प्रधानों के लिए एक सबक है जो सांसद और विधायक के भरोसे बैठ कर हाथ पांव भी नहीं चलाते हैं। सांसद आदर्श ग्राम योजना के गांव सौंगरा, बसेरा और बहरावद के प्रधान भी चाहते तो वो भी बहुत कुछ कर सकते थे। बड़ा सवाल ये भी है कि अगर एक प्रधान और उसका पुत्र इतना काम करा सकते हैं तो एक सांसद क्या नहीं करा सकता है..?
बहरहाल, अब इस गांव को उत्तर प्रदेश का पहला आईएसओ सर्टिफिकेट दिलवाने की प्रक्रिया जारी है। लोकेश का कहना है कि एक महीने में उनको ये सफलता मिल जाएगी। लोकेश तीन बार आईएएस की लिखित परीक्षा में चयनित हुए, लेकिन साक्षात्कार में पीछे रह गए।
अब वो इलाहाबाद में आईएएस की तैयारी करने वालों को कोचिंग देते हैं। उनके बाबा स्व. बोहरे डोरीलाल शर्मा इस गांव के प्रधान रह चुके हैं। पिता बनवारी लाल शर्मा एडवोकेट हैं। इसी गांव की सीमा में ही इगलास तहसील, मुंसिफ कोर्ट, सिविल कोर्ट और लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज है।
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से भी मांगी मदद
1-पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास डॉ. लोकेश की ओर से गांव के चकरोडों को पक्का कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। ये प्रस्ताव 50 लाख रुपये का है। जिसकी मंजूरी जल्द ही मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद गांव के चकरोड पक्के हो जाएंगे।
2-गांव के कूड़े को एक जगह डंप करने और उसको निस्तारित करने की योजना पर काम हो रहा है। जल्द ही इस प्रस्ताव को पास कराया जाएगा। जिससे कूड़ा एक जगह ही आ जाएगा।
1.10 करोड़ से बन रही पानी की टंकी
जल निगम लखनऊ से गांव को एक करोड़ 10 लाख रुपये मिले हैं, जिससे यहां पेयजल की आपूर्ति करने के लिए एक टंकी और पाइप लाइन बिछाने का काम हो रहा है। जल्द ही ये काम पूरा हो जाएगा।
गांव की सब सड़कें और गलियां हुई पक्की
1-ग्राम पंचायत निधि से 14 लाख रुपये का बजट पास कराया और गांव की जलनिकासी के लिए 3 फीट गहरा और 2 फीट चौड़ा, 650 मीटर लंबा पक्का नाला बनवाया। ये नाला गांव के पास के तालाब में मिलता है, गांव का पूरा पानी इसमें ही जाता है, इससे जलभराव की समस्या दूर हुई।
2-एक लाख रुपये प्रधान ने खुद अपने पास से दिए, एक महीने की तनख्वाह पंचायत सचिव से ली, कुछ पैसा बीडीसी खजान सिंह से लिया। सब मिला कर साढ़े तीन लाख रुपये से शमशान गृह बनवाया। अंतिम संस्कार करने का तनाव खत्म।
3-गांव की एक लंबे परिक्रमा मार्ग को पक्का कराया गया। 400 मीटर डामर और 600 मीटर सीसी सड़क कुल 68 लाख रुपये से बनी। इसका बजट मंडी परिषद से पास कराया गया।
4-कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने 200 मीटर की इंटर लॉकिंग की सड़क दी। ये सड़क 18 लाख रुपये के बजट से बनवाई गई।
5-वर्ष 2015-16 में खैर विधानसभा के तत्कालीन विधायक त्रिलोकीराम दिवाकर से गांव को 12 लाख रुपये की लागत से 150 मीटर की सड़क मिली। जिससे नहर वाली सड़क दुरुस्त हुई।
6-गांव की छोटी बड़ी 15 गलियों को सीसी कराने के लिए ग्राम पंचायत निधि से 17 लाख रुपये मिले। जेई ने 1300 रुपये वर्गमीटर की दर से गलियों का पक्का करने का प्रस्ताव बनाया तो उस काम को महज 800 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से कराया गया। इससे गलियाें की संख्या बढ़ी।
7-इगलास के ब्लाक प्रमुख आरपी सिंह से 150 मीटर की सड़क का 12 लाख रुपये का बजट मिला। एक सड़क पक्की हो गई।
8-इगलास विधानसभा क्षेत्र के संसदीय क्षेत्र हाथरस के सांसद राजेश दिवाकर ने 24 लाख रुपये से 350 मीटर की इंटरलाकिंग की गलियां बनवाईं।
भाजपा सरकार की योजनाओं का हाल...
1-उज्जवला गैस कनेक्शन में गांव को 76 कनेक्शन मिले। 90 फीसदी घरों में पहले से ही गैस कनेक्शन हैं।
2-गांव में लगे सभी हैंडपंप चालू हैं पानी आ रहा है। जिससे पेयजल का संकट नहीं है।
3-बिजली विभाग की सौभाग्य योजना के तहत गांव में 22 बिजली कनेक्शन दिए गए।
4-स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव में 100 शौचालय बनवाने का काम हाल ही में शुरू हुआ है।
5-प्रधानमंत्री आवास योजना में गांव में पात्र व्यक्ति नहीं होने से लाभ नहीं मिल सका।
6-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गांव में एक विवाह हुआ।
7-बिजली की आपूर्ति 18 घंटे तक होने से बिजली की स्ट्रीट लाइट लगी हैं।
कोई भी विकास सामूहिक प्रयास से संभव होता हैै। हमें ये बात समझनी होगी। प्रधान खुद प्रयास करें तो कई मदों से विकास कार्य कराए जा सकते हैं। इसके लिए जानकारी भी जुटानी होती है।
-डॉ. लोकेश शर्मा, प्रधान राकेश कुमारी के पुत्र
इस गांव को मैंने गोद लिया था, लोकेश की भागदौड़ में मदद की, ताकि उसका हौसला दूसरों के लिए एक नजीर बने। आज गांव की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है। लोकेश की मेहनत दूसरे गांवों के प्रधानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।
-राजेश भारद्वाज, वरिष्ठ भाजपा नेता
जीवनस्तर बेहतर होगा
यहां के बीडीसी खजान सिंह कहते हैं कि हमें बहुत अच्छा लगता है कि हमारा गांव आज दूसरों के लिए प्रेरणा बन रहा है। अभी यहां कुछ और काम होंगे तो लोगों को और बेहतर जीवन स्तर मिलेगा।