थम गई थोक कपड़ा बाजार की हलचल
ब्यूरो, अमर उजाला
अलीगढ़। महानगर में कपड़ा का थोक कारोबार थम गया है। जीएसटी लागू होने एवं सूरत में मिलों की हड़ताल के बाद बाहर से माल नहीं आ रहा है। कपड़ा व्यवसायी भी भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में है। सूरत से लेकर भुवंडी एवं भिलवाड़ा तक पर इनकी नजरें टिकी है।
महानगर के दूबे जी का कूचा, रामगंज मंडी, मामू भांजा, गल्ली गुल्लूजी, दूबे का पड़ाव आदि क्षेत्र में कपड़े का थोक कारोबार है। जीएसटी लागू होने के बाद कपड़ा के थोक बाजार में सन्नाटा पसरा है। सूरत में मिल मालिकों की हड़ताल पर कारोबारियों की नजर है। अन्य स्थानों के मिल मालिक बिना जीएसटी नंबर माल देने को तैयार नहीं है। यहां सूरत, अहमदाबाद, भिवंडी एवं भिलवाड़ा आदि से साड़ी, धोती, पैंट, शर्ट, सूट आदि के कपड़े आते है।
व्यापारियों का कहना है कि कोई काम नहीं हो रहा है। कपड़ा मंडी में वृहस्पतिवार को इस बात की चर्चा रही कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से गुजरात के व्यापारियों की वार्ता होने वाली है। यह भी कहा जा रहा है कि गुजरात में कपड़ा व्यवसायी बेहद प्रभावशाली है। ऐसे में कपड़ा व्यवसायियों के लिए कुछ अच्छी खबर आ सकती है। यहां के कई व्यापारी सीधे गुजरात के मिल मालिकों के संपर्क में है।