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अलीगढ़ में शिक्षामंत्री के क्षेत्र में गिरासू भवनों में पढ़ने जाएंगे बच्चे

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शिक्षा मंत्री के जिले में फिर गिरासू भवनों में पढ़ने जाएंगे बच्चे
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ब्यूरो, अमर उजाला अतरौली (अलीगढ़)।

एक जुलाई को जब विद्यालय खुलेंगे तो शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के क्षेत्र में बच्चे गिरासू और जर्जर विद्यालयों में पढ़ने जाएंगे। अतरौली विधायक संदीप सिंह इस समय प्रदेश के शिक्षा राज्य मंत्री हैं और उनके क्षेत्र अतरौली व गृह जनपद जनपद अलीगढ़ में ही काफी विद्यालयों के भवन बेहद जर्जर और गिरासू स्थिति में है।

जिले में दो सौ से ज्यादा विद्यालयों में बाउंड्रीबॉल टूटी हुई हैं। किबाड़ें भी टूटे पड़े हैं। शहर में 16 विद्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं और वहां कब हादसा हो जाए, कुछ कहां नहीं जा सकता। इन विद्यालयों के नये भवन बनाने के लिए शिक्षा महकमे को वर्षों से जगह नहीं मिल रही।
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देहात में भी दो दर्जन स्थानों पर विद्यालयों की जरूरत है लेकिन वहां भी स्थान नहीं मिल रहे। काफी विद्यालयों के आसपास जलभराव और गंदगी का आलम है। ऐसे में एक जुलाई को जब विद्यालय खुलेंगे तो बच्चों को फिर गंदगी और जलभराव से होकर वहां जाना पड़ेगा।

स्कूल खुलने पर पुरानी यूनिफॉर्म और किताबों के साथ दिखेंगे बच्चे

शासन ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की यूनिफॉर्म के लिए सात करोड़ की धनराशि भेजी है, जबकि करीब ढाई लाख पुस्तकें भेजी गई हैं लेकिन अभी तक ज्यादातर बच्चों की न तो नई यूनिफॉर्म बनी है और न ही पूरी किताबें आई हैं। ऐसे में जब एक जुलाई से विद्यालय खुलेंगे तो बच्चे पुरानी ड्रेस और फटी-पुरानी किताबों के साथ ही दिखाई देंगे।

शासन इस आदेश दिया था कि इस बार 15 जुलाई तक परिषदीय स्कूलों के सभी बच्चों को यूनिफॉर्म उपलब्ध करा दी जाएगी लेकिन इसके लिए धनराशि देरी से भेजी गई है। शासन ने यहां सात करोड़ रुपये यूनिफॉर्म के लिए भेज दिया है।

यह पैसा सभी विद्यालयों के खाते में ट्रांसफार किया जा रहा है लेकिन विद्यालयों में पैसा पहुंचने के बाद भी 15 दिन के अंदर बच्चों कोे यूनिफॉर्म सिलवाकर दे दी जाए, यह संभव नहीं है। ऐसे में अभी जब विद्यालय खुलेंगे तो बच्चे पुराने कलर की ड्रेस में ही दिखाई देंगे।
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इसी तरह यहां बच्चों के पठन-पाठन के लिए 16 लाख किताबों की डिमांड की गई थी लेकिन अभी तक ढाई लाख किताबें ही भेजी गई हैं। ऐसे में शुरू में बच्चों को सभी विषयों की किताबें प्राप्त होने में भी समय लगेगा।
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