शहर की सफाई व्यवस्था संभाल रही नगर निगम की एजेंसी अर्बन बायोटेक कंपनी के 300 से अधिक कूड़ा ढोने वाले वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार इन वाहनों की फिटनेस अवधि जून में ही समाप्त हो चुकी है, फिर भी इनका संचालन जारी है।
ऐसे में सड़क सुरक्षा के साथ मोटर वाहन अधिनियम के पालन पर भी सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम ने घर-घर से कूड़ा संग्रहण और शहर से कूड़ा परिवहन का जिम्मा अर्बन बायोटेक कंपनी को सौंप रखा है। कंपनी के वाहन रोजाना शहर के विभिन्न वार्डों में कूड़ा उठाने का कार्य करते हैं।
नियमों के अनुसार किसी भी व्यावसायिक वाहन का वैध फिटनेस प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। फिटनेस समाप्त होने के बाद वाहन का सड़क पर संचालन प्रतिबंधित माना जाता है। इसके बावजूद ये वाहन लगातार संचालित हो रहे हैं।
परिवहन विभाग नियमित रूप से बिना फिटनेस वाले निजी और व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ चालान और सीज की कार्रवाई करता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब निजी वाहनों पर सख्ती होती है तो नगर निगम के वाहनों के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
शहर की सफाई पर भी पड़ सकता है असर
यदि नियमों का पालन कराते हुए सभी वाहनों को एक साथ फिटनेस के लिए रोका जाता है तो शहर की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, इसलिए समय रहते फिटनेस नवीनीकरण नहीं कराना नगर निगम और एजेंसी दोनों की उदासीनता को दर्शाता है।
फिटनेस प्रमाणपत्र क्यों जरूरी
आरटीओ प्रशासन दीपक कुमार शाह ने बताया कि वाहनों की फिटनेस जांच के दौरान वाहन के ब्रेक, स्टीयरिंग, टायर, सस्पेंशन, लाइट, प्रदूषण स्तर और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है। फिटनेस समाप्त होने के बाद वाहन में तकनीकी खराबी की आशंका बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के किसी भी वाहन का संचालन नियमों का उल्लंघन है। ऐसे वाहनों के खिलाफ चालान, सीज और अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।
- कूड़ा उठाने वाले सभी वाहनों की फिटनेस की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए आरटीओ कार्यालय में आवेदन दिया गया है। प्रक्रिया के तहत सभी वाहनों की फिटनेस कराई जा रही है।
- मोहम्मद एहसान सैफी, प्रोजेक्ट हेड, अर्बन बायोटेक कंपनी