फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी चकरोड पर कब्जा कर बना दिए 4 करोड़ के 30 प्लाट

Tue, 24 Jul 2018 01:56 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
चकरोड की जमीन से कब्जा हटाती जेसीबी। - फोटो : Dig Vishal
विज्ञापन
एटा चुंगी से क्वार्सी चौराहे को जोड़ने वाले बाईपास रोड के पास तेजी से बसते जा रहे गांव असदपुर कयाम व उसके आसपास बनने वाली कालोनियों में अगर आप कोई प्लाट या मकान लेने जा रहे हैं तो इस खबर को जरूर पढ़ लें। क्योंकि इस इलाके में बसने वाली कालोनियों में एक के बाद एक जमीनों की घपलेबाजी सामने आती जा रही है। सोमवार शाम को यहां पर जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ। पता चला कि मधुर नगर के नाम से बसने कालोनी में सरकारी चकरोड की जमीन पर ही 4 करोड़ रुपये मूल्य के 30 प्लाट बना दिए गए हैं। ये तमाशा देख कर अधिकारी भी दंग रह गए। फिलहाल कब्जे हटवा दिए गए हैं और मंगलवार को पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन


शिकायत पर टीम गई तो विरोध कर लौटाया
एसडीएम कोल एवं आईएएस अधिकारी जोगिंदर सिंह ने बताया कि सोमवार दोपहर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की जनसुनवाई में एक बुजुर्ग अपनी जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा कर लेने की शिकायत लेकर पहुंचे थे। ये जमीन भी असदपुर कयाम की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील की एक टीम बुजुर्ग की जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंची तो वहां पहले से मौजूद मधुर नगर कालोनी को बसाने वाले लोगों ने कार्रवाई नहीं होने दी। लेखपाल आदि का विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान हुई हुज्जत के बाद मजबूरन टीम को लौटना पड़ा। टीम के लौटने के बाद जिलाधिकारी को पूरी स्थिति से अवगत कराया गया तो उन्होंने सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

देर शाम एसडीएम पहुंचे दलबल संग, हटवाया कब्जा
एसडीएम कोल ने बताया कि इस पर देर शाम वो खुद एक टीम लेकर मौके पर पहुंचे। जिसमें जेसीबी मशीनें, पुलिस फोर्स सबकुछ था। मौके पर बुजुर्ग की जमीन की पैमाइश कराई गई। इसी दौरान पूरे कागजात जांचने पर पता चला कि वहां के खसरा संख्या 9, 11 और 174 में 5790 वर्गमीटर सरकारी चकरोड की जगह है। जो कुल जमीन लगभग छह बीघा है। इसी जगह पर मधुर नगर कालोनी वालों ने 30 प्लाट बना दिए। जिनकी कीमत लगभग चार करोड़ रुपये आंकी गई है। यहां बने प्लाट की बाउंड्री और दूसरे निर्माण कार्य जेसीबी मशीने से ढहा दिए गए हैं।
विज्ञापन


पुलिस की तैनाती भी करा दी गई है। मौके पर जिन लोगों ने विरोध किया है उनके खिलाफ भी सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सरकारी चक रोड पर कब्जा करने वाले मधुर नगर कालोनी के मालिक, पार्टनर पर भी सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने, लोगों को धोखे से जमीन बेचने की अलग अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। एसडीएम कोल ने माना कि तेजी से बस रहे असदपुर कयाम व आसपास के इलाके में कालोनियों में जमीनों के घपले लगातार सामने आ रहे हैं। इधर, शिकायतकर्ता बुुजुर्ग की जमीन को खाली कराया जा रहा है जो कि गाटा संख्या 52 में मौजूद है। गौर हो कि तेजी से बढ़ते जा रहे अलीगढ़ में लगभग 800 से ज्यादा अवैध कालोनियां बसी हैं। अगर इनकी जमीनों की गहनता से जांच कराई जाए तो कुछेक को छोड़ कर अधिकांश में जमीनों की घपलेबाजी सामने आ सकती है।

सरकारी चकरोड की जमीन पर प्लाट काट कर बेचने वालों के खिलाफ नियमानुसार बेहद सख्त  कार्रवाई होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी।

-जिलाधिकारी की जनसुनवाई में एक बुजुर्ग ने अपनी जमीन पर कब्जा होने की शिकायत की थी। मौके पर तहसील की टीम भेजी गई थी तो वहां पर मधुर नगर कालोनी बसाने वाले कुछ लोगों ने विरोध कर टीम को कार्रवाई नहीं करने दी। शाम को मैं खुद पुलिस फोर्स के साथ गया तो जमीन की नपाई में पता चला कि चकरोड की सरकारी जमीन पर ही चार करोड़ मूल्य के 30 प्लाट बना दिए गए। अब आगे की कार्रवाई हो रही है।
-जोगिंदर सिंह, आईएएस अधिकारी एवं एसडीएम कोल।

पहले भी मधुर ग्रुप पर एडीए वीसी जेबी सिंह ने की थी कार्रवाई
अलीगढ़। सपा सरकार के शासन में अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के तत्कालीन वीसी रहे जेबी सिंह ने मधुर नगर, मधुर सिटी सहित इस ग्रुप की अन्य कालोनियों की जांच कराई थी जिसमें कई जगहों पर फर्जीवाड़ा पाया गया था। इस पर कार्रवाई भी हुई थी। लेकिन कुछ दिन तक कार्रवाई चलने के बाद मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। कुछ दिनों बाद ही जेबी सिंह भी अलीगढ़ से चले गए थे।

नेताओं का आशीर्वाद है इस ग्रुप पर
अवैध रूप से कालोनी बसाने, सरकारी जमीन पर कब्जा करने और नियमों को ताक पर रख कर प्रापर्टी कारोबार करने वाले इस ग्रुप पर सपा सरकार के शासन से ही नेताओं का पूरा आशीर्वाद है। इससे पहले जब सपा सरकार के कार्यकाल में एडीए वीसी जेबी सिंह ने कार्रवाई की थी तो एक तत्कालीन स्थानीय नेता ने सपा के एक कद्दावर नेता से सिफारिश करा कर मामले को ठंडे बस्ते में डलवा दिया था। सोमवार 23 जुलाई को जब तहसील की टीम कार्रवाई करने पहुंची तो इससे पहले सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने भी एड़ी चोटी का जोर लगा कर कार्रवाई को रुकवाना चाहा लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी। अभी भी कुछ नेता मामले को दबाने में लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें