उत्तर प्रदेश व अलीगढ़ के इतिहास में पहली बार होने जा रही 21वीं राष्ट्रीय रोड साइकिलिंग सीनियर, जूनियर व सब जूनियर प्रतियोगिता में 23 राज्यों समेत 26 पुरुष व महिला टीमों के 700 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इनमें 145 महिलाएं भी शामिल हैं। तीन टीमें सर्विसेज, बीएसएनएल एवं रेलवे की होंगी। प्रतियोगिता में महिलाओं के चार तो पुरुषों के पांच कैटेगरी में मुकाबले होंगे।
20 किमी से लेकर 150 किमी तक की इस रेस में विभिन्न कैटेगरियों में रेस होगी। प्रतियोगिता के लिए टीमों का आगमन यूं तो 26 अक्तूबर से ही आरंभ हो गया था, लेकिन गुरुवार को 11 टीमें और आ गईं। देर रात तक सभी टीमों के आने की संभावना है। इन सभी टीमों को शहर के नामचीन होटल, वैंक्युट हाल एवं गेस्ट हाउसों में ठहराया गया है। खानपान का जिम्मा खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपा गया है।
प्रतियोगिता आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं सीडीओ डीएस सचान एवं सचिव कन्हैया गुर्जर ने प्रतियोगिता के आरंभ स्थल गांव भुखरावली जाकर ट्रैक व अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
केरला, जम्मू एंड कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, राजस्थान, आसाम, मणीपुर, पश्चिमी बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उड़ीसा, बिहार, उत्तराखंड, छत्त्तीसगढ़, तिलंगाना, झारखंड, सर्विसेज, रेलवे, बीएसएनएल।
पता नहीं क्यों उत्तर प्रदेश्ा को राष्ट्रीय स्तर की रोड साइकिलिंग प्रतियोगिता के लिए योग्य नहीं माना समझा गया? साइकिलिंग फेडरेशन को यूपी की सड़कों व इंतजामों पर भरोसा नहीं था या कोई अन्य वजह थी।
21वीं राष्ट्रीय रोड साइकिलिंग प्रतियोगिता के आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं सीडीओ के दार्शनिक अंदाज में कहे गए यह शब्द उत्तर प्रदेश को साइकिलिंग के मामले में उपेक्षा को दर्शाते हैं। पढ़िये उन्होंने क्या कहा-जी हां जनपद के ही नहीं बल्कि प्रदेश के इतिहास की यह पहली राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता है। 25 से 28 मई 1995 से शुरू हुई इस प्रतियोगिता के आयोजन पर अब तक कर्नाटक, तमिलनाडु जैसे राज्यों का ही कब्जा रहा है।
वहीं पर प्रतियोगिता के अब तक सर्वाधिक आयोजन हुए हैं। मजे की बात यह है कि यह प्रतियोगिता बिहार एवं मध्य प्रदेश जैसे पिछड़े माने जाने वाले प्रदेशों में भी हो चुकी है। पहली प्रतियोगिता जबलपुर मध्य प्रदेश में ेेे हुई थी।
नेशनल साइकिलिंग प्रतियोगिता के चार दिन भुकरावली से गभाना पुल तक हाईवे वन-वे रहेगा। यह निर्णय बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने आयोजन स्थल का जायजा लेने के बाद एनएचएआई से वार्ता कर लिया है। साथ में पूरे ट्रैक पर 35 से ज्यादा बैरीकेडिंग प्वाइंट तय किए गए हैं। जिन पर पुलिस भी रहेगी और हर 50 से 100 गज के बीच पुलिसकर्मी तैनात होंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव व एसपी यातायात डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि ट्रैक के उद्घाटन प्वाइंट से लेकर समापन प्वाइंट तक वन-वे रहेगा। इसके लिए दोनों ओर ट्रैफिक कर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा 25 टर्न कट प्वाइंट, 9 आबादी क्षेत्र को मिलाकर पूरे ट्रैक पर तीस स्थान ऐसे हैं, जहां बैरीकेडिंग होगी।
इसके अलावा पार्किंग, खिलाड़ियों की सुरक्षा आदि को लेकर भी पुलिस लगेगी। इसके लिए सिपाहियों से लेकर थानेदार व क्षेत्राधिकारियों तक को लगाया जाएगा। यह समीक्षा शुक्रवार सुबह तक कर दोपहर में ड्यूटी जारी कर दी जाएगी।