आह्वान या मदद : अलीग बिरादरी के लिए पहली बार आंदोलन में कूदी शहर की बिरादरी, चारों ओर से बस रिहाई की आवाज हुई बुलंद
दिन भर पसीने-पसीने रहा प्रशासन शाम को सशर्त रिहाई पर माना
रिहाई शुरू होने के बाद ही शहर में चार जगह से खत्म हुए प्रदर्शन
अभिषेक शर्मा
अलीगढ़। यह पहला मौका है, जब अलीग बिरादरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर शहर की बिरादरी ने खुलकर आंदोलन किया है। अब तक जब तब एएमयू या अलीग बिरादरी का कोई आंदोलन हुआ तो शहर की बिरादरी के लोग अंदरखाने सपोर्ट करते रहते थे और तरह-तरह से मदद किया करते थे। मगर यह पहला मौका है, जब शहर के लोगों ने इनके लिए चौतरफा आंदोलन खड़ा किया और रविवार रात हुई 26 गिरफ्तारियों के बाद सोमवार सुबह 9 बजे से प्रदर्शन शुरू कर दिए। शाम को यह प्रदर्शन उनकी रिहाई पर ही थम सके। यह अलग बात है कि रिहाई प्रशासन ने सशर्त जमानत के साथ दी है। मगर, यह संदेश दूर तक जा रहा है।
सुबह से जब गिरफ्तारों की रिहाई के लिए प्रदर्शन शुरू हुए तो कहीं कोई नेतृत्व सामने नहीं दिख रहा था। मगर दोपहर होते-होते यह बात सामने आ गई थी कि इन प्रदर्शनों के पीछे एएमयू के छात्र नेताओं का सपोर्ट या इशारा है। हालांकि पुलिस प्रशासनिक स्तर से मेयर मो.फुरकान, शहर मुफ्ती मो.खलिद हमीद, सपा नेता अज्जू इशहाक, युवजन सभा प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह, जफर आलम आदि से संपर्क स्थापित किए गए। लोगों को शांत रखने और समझाने में सहयोग मांगा गया। हालांकि नेताओं ने भी जनता के सुर में सुर मिलाते हुए रिहाई की मांग की। जब शाम होते होते आंदोलन थमने का नाम नहीं लिए तो डीएम आवास पर डीएम, एसएसपी की मौजूदगी में इन नेताओं की एक बैठक बुलाई गई। जिसके बाद देर रात सशर्त जमानत दिया जाना तय हुआ और देर रात रिहाई शुरू होने पर ही जगह जगह हो रहे प्रदर्शन थम सके।
संवेदनशील क्षेत्रों में प्रमुख घटनाक्रम
शाहजमाल : ईदगाह पर सरकार विरोधी नारेबाजी
शाहजमाल इलाके में एएमयू के छात्रों की पिटाई व गिरफ्तारी के विरोध में लोग ईदगाह पर एकत्र हो गए। सरकार विरोधी नारेबाजी की। ईदगाह में मौजूद महिलाओं ने नारेबाजी की। व्यवस्था बिगड़ने के अंदेशा पर पुलिस फोर्स पहुंच गया। पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। ईदगाह पर देर शाम तक भीड़ जुटी रही। पीएसी मौजूद रही। हालांकि, शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद के आश्वासन पर लोग देरशाम अपने घर चले गए। इस दौरान भीड़ ने शहर विधायक के कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की।
ऊपरकोट : महिलाओं ने किया कोतवाली का घेराव
दोपहर करीब 12.30 बजे 50-60 युवकों ने शहर मुफ्ती से इंसाफ की मांग करने लगे। उन्होंने युवाओं से कहा कि उनकी बात डीएम व एसएसपी से एएमयू के गिरफ्तार छात्रों को छोड़े जाने की बात हो गई है। मगर, शहर मुफ्ती के आश्वासन पर सहमत नजर नहीं आए और शोर मचाने लगे। आखिरकार, शहर मुफ्ती को जामा मस्जिद के माइक से अमन चैन कायम रखने की अपील की। कुछ देर के बाद फिर युवाओं का झुंड तिरंगा लहराता व नारेबाजी करते जामा मस्जिद के पास पहुंचा। पुलिस ने लाठी फटकारी और खदेड़ा, तब जाकर युवक भागे। तभी दोपहर 1:45 बजे चंदन शहीद रोड की तरफ से नारेबाजी करते 50-60 लोग ऊपरकोट कोतवाली आ रहे थे। इन्हें भी लाठी फटकारकर भगाया। दोपहर 2:25 बजे डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी आकाश कुलहरि कोतवाली पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। दोपहर 3:25 बजे सैकड़ों महिलाएं ऊपरकोट पहुंचकर विरोध जताया। शाम 4:30 बजे सैकड़ों महिलाएं रेलवे रोड से होते हुए जामा मस्जिद के पास पहुंचीं। महिलाओं ने ‘मुझे इंसाफ चाहिए’, ‘मुसलमान नहीं, इंसान भी हैं’ सहित सरकार विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद कोतवाली का घेराव कर धरना दे दिया। देरशाम ऊपरकोट पहुंचे डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी आकाश कुलहरि ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि जांच चल रही है। इंसाफ जरूर मिलेगा। इसके बाद देर रात रिहाई की खबर पर भीड़ यहां से हटी।
दोधपुर, अमीरनिशा, मेडिकल रोड की दुकानें बंद
एएमयू में बवाल व छात्रों को नाजायज पीटे जाने के विरोध में दोधपुर, मेडिकल रोड व अमीर निशा बाजार की दुकानें बंद रहीं। सुबह करीब 10 बजे से लोग दोधपुर चौराहे पर एकत्र होने लगे। यहां से जुलूस के शक्ल में लोग एएमयू पहुंचना चाहते थे, लेकिन उन्हें पानवाली कोठी पर रोक लिया गया। पूर्व मंत्री ख्वाजा हलीम के आवास के सामने बैरिकेडिंग लगा दी गई। लोगों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की व गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग की। एएमयू जाने के लोग अड़ गए, तभी पूर्व विधायक जमीरउल्लाह भी वहां पहुंच गए। इसी दौरान डीएम व एसएसपी भी पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की। शाम को पूर्व विधायक ने कहा कि वह डीएम के साथ बैठकर इस मसले का हल निकालेंगे। इसी दौरान अस्र नमाज का वक्त हो गया। लोगों ने धरनास्थल पर नमाज पढ़नी चाही, तभी एसपी क्राइम ने उन्हें मना कर दिया। बोले, वह मस्जिद में नमाज में पढ़ें या नहीं। बाद में रिहाई पर ही यहां से भीड़ हटी।
जमालपुर : दिन में दो बार सड़क किया जाम, पथराव
जमालपुर में सुबह ही सैकड़ों की तादाद में लोग एकत्र हो गए। पुलिस व आरएएफ की ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने कहा कि जो छात्र गिरफ्तार किए गए हैं, उन्हें छोड़ा जाए। विरोध-प्रदर्शन की खबर पर डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों को समझाने की कोशिश की। मगर, वह नहीं माने। देरशाम तक उनका विरोध जारी रहा। सड़क भी जाम करके विरोध जताया। इस दौरान एक बार पथराव हुआ तो पुलिस ने लठियाकर लोगों को खदेड़ दिया। देर शाम रिहाई पर ही यहां से जाम खुल सका।
रसलगंज : दुकानें रहीं बंद
एएमयू में बवाल व छात्रों के साथ हुए सुलूक के विरोध में रसलगंज में इक्का-दुक्का दुकानें छोड़कर बाकी सभी दुकानें बंद रहीं। दुकानों को बंद कर एएमयू की घटनाओं पर लोग चर्चा करते रहे।
सराय सुल्तानी : युवकों ने की नारेबाजी
एएमयू में बवाल व छात्रों के साथ हुए सुलूक के विरोध में सराय सुल्तानी में भी लोग एकत्र होने लगे। इस दौरान युवकों ने नारेबाजी की।
जमालपुर ईदगाह पर विरोध प्रदर्शन कारी गाडि़यों को रोकते ।- फोटो : CITY OFFICE
जमालपुर ईदगाह पर विरोध प्रदर्शन करते लोगो को रोकती पुलिस ।- फोटो : CITY OFFICE
ऊपरकोट में छात्रों और नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करती महिलाएं।- फोटो : CITY OFFICE