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कोरोनाः पुलिस-प्रशासन की बड़ी चूक, राहत शिविरों से भाग निकले 209 लोग

Wed, 01 Apr 2020 04:07 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
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इसी कॉलेज में मुसाफिरों के रुकने का किया गया था प्रबंध... - फोटो : अमर उजाला
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प्रवासी कामगारों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में पुलिस प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है। यहां खान-पान से लेकर सुरक्षा में बदइंतजामी देखने को मिली। सोमवार रात दो शिविरों से 209 लोग भाग निकले और किसी को भनक तक नहीं लगी। मामला लोधा व अकराबाद क्षेत्र में लगे शिविरों का है। प्रवासियों के भागने की खबर से प्रशासन में खलबली मची है। वहीं इलाका पुलिस सफाई देने में जुटी है। यदि इनमें कोई संक्रमित हुआ तो यह स्थिति विस्फोटक होगी।

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लॉकडाउन के चौथे दिन दिल्ली-एनसीआर से मजदूरों का पलायन केंद्र व राज्य सरकारों के लिए बड़ी समस्या बनकर उभरा। 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही बड़े पैमाने पर लोगों ने घरों की ओर पलायन शुरू कर दिया था। वाहन नहीं मिले तो लाखों लोग पैदल ही निकल पड़े। नतीजा यह हुआ कि सरकार की सोशल डिस्टेंसिंग की प्लानिंग चौपट होने लगी। इसलिए आनन-फानन पलायन को रोकने की योजना बनाई गई। राज्य सरकारों को राजमार्गों से सटे इलाकों में राहत शिविर बनाने के निर्देश दिए गए। अलीगढ़ के लोधा क्षेत्र स्थित गगन स्कूल तथा अकराबाद के जिरौली हीरा सिंह रोड स्थित हबीब खान इंटर कॉलेज में राहत शिविर बनाए थे।

सोमवार को पुलिस ने हाईवे पर दिल्ली की ओर से आ रहे लोगों को इन शिविरों में भेजना शुरू किया था। अकराबाद स्थित राहत शिविर में 160 प्रवासी कामगारों को ठहराया गया था, लेकिन मंगलवार सुबह तक यहां एक भी व्यक्ति नहीं मिला। शिविर सेवा में लगे एक व्यक्ति ने किसी भी तरह की जानकारी से इंकार किया। चौकीदार भी कुछ नहीं बता सके। एसओ सुनील कमार ने कहा कि अधिकतर मुसाफिर आसपास जिले के रहने वाले थे, इसलिए वे चले गए।
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यही स्थिति लोधा स्थिति शिविर की रही। यहां दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा व गाजियाबाद से आए 49 लोगों को ठहराया गया था। सुरक्षा के लिए यहां इलाका पुलिस के अलावा दो चौकीदार भी तैनात थे। इसके बाद भी सोमवार देर रात सभी 49 लोग भाग गए। इनमें अधिकतर बरेली, औरंगाबाद, गोरखपुर, फर्रुखाबाद, आंबेडकरनगर, आजमगढ़ व फतेहपुर के निवासी हैं। इनके भागने की किसी को जानकारी नहीं। मंगलवार दोपहर को भी स्कूल में बने इस शिविर में केवल दो चौकीदार थे। हैरानी की बात है कि जिले की सीमाएं सील होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी कहां गए, किसी को नहीं पता।

प्रवासियों ने काटा था हंगामा
दिल्ली-एनसीआर से आए प्रवासी कामगारों के न रुकने की एक बड़ी वजह शिविरों की अव्यवस्था भी हो सकती है। दरअसल, सोमवार को अकराबाद स्थिति शिविर में 160 लोगों के पहुंचने पर व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई थीं। समाजसेवियों के हाथ-पांव फूल गए थे। कुछ लोग तो कोरोना वायरस की चपेट में आने के डर से घर चले गए थे। ऐसे में छोटे बच्चे भूख-प्यास से परेशान होने लगे। खाना न मिलने पर प्रवासियों ने शिविर में हंगामा काटा था। हंगामे की जानकारी पर बीडीओ पूर्ण वोरा और एसओ सुनील कुमार ने रात को शिविर में खाने के पैकेट व बच्चों को दूध के पैकेट का इंतजाम किया था, पर फिर भी सुबह तक कोई नहीं टिका।

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