जनपद में 3356 में से 2281 स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना टीका लगवाया, जो करीब 68 प्रतिशत है। इसी के साथ अलीगढ़ जनपद लाल निशान से बाहर निकल गया है। पिछले टीकाकरण की तुलना में इस बार 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि अभी भी स्थिति संतोषजनक नहीं है।
बृहस्पतिवार को जनपद में 13 केंद्रों के 28 बूथों पर 3356 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से 2281 लोग ही टीका लगवाने बूथ तक पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहर के स्वास्थ्यकर्मी टीके लगवाने में आगे रहे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में 100 में से 78 लोग टीका लगवाने पहुंचे।
मलखान सिंह जिला अस्पताल में 125 में से 107 और मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय में 100 में से 74 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगा। मंडलायुक्त गौरव दयाल, एडी हेल्थ डॉ. वीके सिंह, सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, डीएमओ डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ सहित जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त मजिस्ट्रेट केंद्रों पर टीकाकरण का निरीक्षण करने पहुंचे।
एडी हेल्थ के साथ मंडलायुक्त गौरव दयाल ने मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं मोहनलाल गौतम महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने में पिछड़ जाएंगे तो गलत संदेश जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि जनपद में 68 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। यह 22 जनवरी से अधिक है। लेकिन हमलोग इससे संतुष्ट नहीं है। 29 जनवरी को प्रतिशत बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
कहां लगे कितने टीके...
स्थान टीके लगे लक्ष्य
जवां 167 250
छर्रा 221 375
धनीपुर 188 225
इगलास 178 350
अतरौली 188 375
गोंडा 166 225
अकराबाद 190 256
बिजौली 187 225
लोधा 400 500
चंडौस 137 250
मोहनलाल गौतम महिला चिकित्सालय 74 100
मलखान सिंह जिला अस्पताल 107 125
पं. दीनदयाल उपा. संयुक्त चिकित्सालय 78 100
क्या है लाल निशान
60 प्रतिशत या उससे कम टीकाकरण वाले जनपद को लाल श्रेणी में रखा गया है। जबकि 75 प्रतिशत या उससे कम वाले जनपद पीली श्रेणी में आते हैं। लक्ष्य के विरुद्ध 76 प्रतिशत या उससे अधिक टीकाकरण वाले जनपद में ग्रीन श्रेणी में रखा गया है।