अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर दो प्रमुख रेल मार्ग है, जिससे यह जंक्शन बनता है। पहला नई दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग, दूसरा हरदुआगंज-बरेली-चंदौसी रेलमार्ग कहलाता है। हरदुआगंज-बरेली तक ब्रांच रेल लाइन है। इसी लाइन से हरदुआगंज-बरेली जाने वाली ट्रेनें चलती हैं, जो अलीगढ़ स्टेशन पर नई दिल्ली-हावड़ा मार्ग से जुड़ जाती हैं। जब हरदुआगंज से ट्रेन नई दिल्ली- हावड़ा रेल मार्ग पर आती है तो लगभग 20 से 25 मिनट तक नई दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग व्यस्त हो जाता है और कई बार ट्रेनों को स्टेशन के आउटर पर रोकना पड़ता है।
इस समस्या को देखते हुए रेलवे ने दाऊद खां से हरदुआगंज तक 22 किलोमीटर लंबा रेलवे फ्लाईओवर का निर्माण कराने का निर्णय लिया है। जिससे हरदुआगंज से आने वाली ट्रेनें सीधे दाऊद खां ट्रैक से मिल जाएंगी। यहां पर उन्हें डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और नई दिल्ली हावड़ा दोनों रेलमार्ग मिल जाएंगे। कोलकाता की ब्रिज एवं रूफ कंपनी को निर्माण की जिम्मेदारी मिली है।
इन 20 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहीत
इस परियोजना में कोल तहसील के 18 एवं गभाना तहसील के दो गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जाएंगी। इसमें कोल के गांव चिरौला, दाऊद खां, पड़ियावली, नगला पानखानी, भदेसी माफी, रहमतपुर गढ़मई, कमालपुर, अली नगर, सिंधौली, बरौला-जाफराबाद, इलियासपुर, महरावल, चुआवली, बरई-सुभानगढ़ी, सिया खास, रठगांव, इमलौठ, छेरत-सुढ़ियाल एवं खेरूपुरा शामिल हैं। गभाना तहसील के गांव जमालपुर सिया और रफीपुर सिया की जमीन ली जाएगी।
अलीगढ़ की यह महत्वपूर्ण परियोजना है। रेलवे फ्लाईओवर निर्माण के लिए नक्शा, ड्राइंग एवं डिजाइन समेत सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। जमीन अधिग्रहण के साथ ही इस फ्लाईओवर का निर्माण जल्द शुरू होगा। - अमित सिंह, जनसंपर्क अधिकारी एनसीआर प्रयागराज।