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400 करोड़ की ठगी: जुनैद के 22 बैंक खातों का चला पता, सभी खाते फ्रीज करने और आरोपियों की तलाश तेज

Tue, 11 Aug 2026 01:27 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जांच में यह खुलासा हुआ है कि जुनैद ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए एक शातिर सिंडिकेट तैयार किया था। वह ठगी की रकम को सीधे अपने खाते में न मंगवाकर अपने सहयोगियों सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन के खातों में ट्रांसफर करवाता था।
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गिफ्तार जुनैद अहमद - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एएमयू कर्मचारियों और आम नागरिकों से करीब 400 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी जुनैद के 22 बैंक खातों को ट्रैक कर लिया है। पुलिस उसके सहयोगियों की तलाश में दबिश दे रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने खुद को कानूनी शिकंजे से बचाने के लिए वित्तीय हेरफेर का सहारा लिया। पुलिस अब इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) के जरिए उसके लेनदेन की गहन छानबीन कर रही है। हैरानी की बात यह है कि जुनैद ने वर्ष 2024 के बाद से अपना कोई भी आईटीआर दाखिल नहीं किया है, जो उसके इरादों और काली कमाई को छुपाने की कोशिश को दर्शाता है। 

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जांच में यह खुलासा हुआ है कि जुनैद ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए एक शातिर सिंडिकेट तैयार किया था। वह ठगी की रकम को सीधे अपने खाते में न मंगवाकर अपने सहयोगियों सुहेल अहमद, उकैस, दीपक कुमार, मोहम्मद बिलाल और जेबा परवीन के खातों में ट्रांसफर करवाता था। इस तरकीब का उद्देश्य केंद्रीय एजेंसियों और पुलिस की निगरानी से बचकर रहना था ताकि शक सीधे उस तक न पहुंचे। 
यह भी पढ़ें... जुनैद की कहानी: एएमयू से की पीएचडी, खोली म्यूचुअल फंड कंपनी, घाटा होने के बाद शुरू कर दी ठगी
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पुलिस अब इन सहयोगियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है एमराल्ड गुलिस्तां अपार्टमेंट निवासी जुनैद, जिसने 2019 में एएमयू से कॉमर्स में पीएचडी की थी। 2022 में मैरिस रोड पर साईना फाइनेंशियल एडवाइजर के नाम से फर्जी दफ्तर खोला था। उसने साईना इन्वेस्टमेंट, साईना हॉलिडेज और सेहला फार्मा जैसी लुभावनी योजनाओं का झांसा देकर तीन साल तक लोगों को लूटा। 2025 में जब निवेशकों ने दबाव बनाया और मामला पुलिस तक पहुंचा।

सभी बैंक खातों को फ्रीज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। जांच अधिकारी मामले से जुड़े हर एक बिंदु को बारीकी से खंगाल रहे हैं ताकि निवेशकों का पैसा वापस दिलाने की दिशा में ठोस कार्रवाई की जा सके। - सर्वम सिंह, सीओ तृतीय।

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