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निर्भया फंड से रोडवेज को मिले दो इंटरसेप्टर

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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निर्भया फंड के तहत प्रदेश में महिलाओं के लिए चलने वाली पिंक बस भले ही महानगर को न मिली हो, लेकिन महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए दो इनोवा कार (इंटरसेप्टर) परिवहन निगम को मिल गए हैं। फिलहाल अधिकारियों ने दोनों पर अस्थायी स्टाफ की तैनाती कर एक को हाथरस तथा दूसरे को एटा मार्ग पर लगा दिया है। जल्द ही दोनों इंटरसेप्टर को महिला सुरक्षा के लिए शुरू किए टोल फ्री नंबर तथा डायल-100 से जोड़ा जाएगा।


16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में हुए निर्भया कांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए रोडवेज बसों में अतिरिक्त इंतजाम करने के लिए फंड तक आवंटित कर दिया। इसी फंड के तहत केंद्र सरकार ने पूरे देश में पिंक बसों के संचालन का निर्णय लिया। इसमें अलीगढ़ रीजन के हिस्से में एक भी पिंक बस नहीं आई, लेकिन दो इनोवा (इंटरसेप्टर) मिल गए हैं। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इंटरसेप्टर रोडवेज की सूचना मिलने पर तुरंत ही महिला यात्रियों की सहायता के लिए दौड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि आमतौर पर तो इन इंटरसेप्टर का काम पिंक बसों में चलने वाली महिलाओं की सुरक्षा करना है, लेकिन यहां पिंक बस नहीं है तो इनका निर्धारित प्वाइंट बनाए जाएंगे। जहां से दोनों इनोवा कार पूरे रीजन को कवर करेंगी।
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चेकिंग स्टाफ को आवंटित न हो जाएं दोनों इंटरसेप्टर
निर्भया फंड से खरीदी गई इनोवा कार (इंटरसेप्टर) को लेकर रोडवेज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ अधिकारियों का तो यहां तक कहना है कि जब महानगर को पिंक बस ही नहीं मिली इंटरसेप्टर की क्या आवश्यकता है। चर्चा है कि कुछ दिनों बाद ही इन दोनों इंटरसेप्टर को बसों में चेकिंग करने वाले स्टॉफ को आवंटित कर दिया जाएगा। वैसे भी रोडवेज बसों में चेकिंग करने वाले स्टाफ के पास वाहनों का काफी अभाव है।
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