न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
वार्षिक निरीक्षण को पहुंचे मंडलायुक्त अजय दीप सिंह उस समय भड़क गए जब उन्होंने प्रकीर्ण लिपिक कार्यालय में 54 लंबित जाति प्रमाणपत्र देखे। यह सभी नौकरी के वैरीफिकेशन से संबंधित थे। उन्होंने संबंधित अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए एक सप्ताह में सभी के निस्तारण के आदेश दिये। यही नहीं भूमाफिया के कब्जे से मुक्त करायी गई भूमियों पर एडीए को कब्जा दिलाये जाने के निर्देश भी दिये।
मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त शमीम अहमद खां एवं जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के प्रकीर्ण लिपिक प्रथम, आयुध लिपिक, न्यायिक एवं राजस्व लेखाकार, शिकायत कक्ष, खनन अधिकारी कक्ष, न्याय सहायक, संयुक्त संग्रह कार्यालय, भूलेख. ग्रामीण एवं शहरी सीलिंग कार्यालयों का निरीक्षण किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री विवेकाधीन के भी 18 मामले तहसील स्तर लंबित पायें गये। आयुध लिपिक कार्यालय के निरीक्षण में थानावार रजिस्टर के निरीक्षण में कुछ असलहा लाइसेंस का नवीनीकरण न मिलने पर धारकों को नोटिस जारी करने को कहा।
अपर नगर मजिस्ट्रेट के कार्यालय के निरीक्षण में 7 मामले पुराने लंबित मिले। राजस्व अभिलेखागार में खराब फोटोकापी मशीन को हटाकर एक सप्ताह में मशीन की व्यवस्था करने को कहा। भूलेख ग्रामीण एवं शहरी सीलिंग मामले में कहा कि नगर क्षेत्र में कुल 252 अवैध कब्जे हटाए गये हैं। इन सभी का सत्यापन कराकर देख लिया जाए कि हटाए गये अवैध कब्जों पर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण का कब्जा है या नहीं।
संयुक्त कार्यालय में कर्मचारियों एवं अधिकारियों की निजी पत्रावलियों को भी देखा। जनसुचना के 156 मामले लंबित मिले। इस अवसर पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, एडीएम सिटी एसबी सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
ऐसा होना चाहिए कार्यालय
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर जेए बाबू श्रीश श्रीवास्तव एवं न्याय सहायक कविता सिंह के कार्यालय पहुंचे। यहां की साज सज्जा एवं सफाई देखकर उनके मुंह से निकला कि ऐसा ही होना चाहिए कार्यालय। सभी इसका अनुसरण करें। यहां मौजूद रिकार्ड भी व्यवस्थित मिला।