न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सांसद आदर्श गांव बहरावद के लोगों का गुस्सा इन दिनों सातवें आसमान पर है क्योंकि वायदे के अनुरूप विकास के कोई काम नहीं हुए।
शुक्रवार को गांव के लोगों को मालूम हुआ कि सांसद सतीश गौतम उनके गांव के सामने वाली सड़क से चपौटा गांव जाने वाले हैं तो वे काले झंडे लेकर वहां आ डटे। दूसरी ओर जब सांसद को इस विरोध की भनक मिली तो रास्ता बदल कर चौपटा चले गए। काफी देर इंतजार करने के बाद आखिरकार निराश होकर गांववाले अपने घरों को लौट गए।
बहरावद भाजपा समर्थित गांवों में गिना जाता है। आम चुनाव में गांव में पड़े 1200 में 1000 वोट सतीश गौतम को मिले थे। बहरावद को सतीश गौतम ने सांसद आदर्श गांव के रूप में गोद लिया था।
शुक्रवार को बहरावद के रास्ते से सांसद के चपौटा जाने की खबर लगी तो उनके विरोध में काले झंडे लेकर खड़े हो गए। हालांकि सांसद को इसकी भनक पहले ही लग गई। वह रास्ता बदलकर चपौटा में चौपाल करने पहुंचे। बहरावद के रास्ते उनके चपौटा जाने की खबर पर ग्रामीण काले झंडे लेकर रास्ते में काफी देर तक खड़े रहे।
उधर सांसद जुझरका के रास्ते चपौटा चले गए। चर्चा है कि उन्हें ग्रामीणाें के इस तरह विरोध करने की भनक लग चुकी थी। बहरावद के निवासियों का आरोप है कि गांव में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी। विकास दूर की बात है, सांसद गांव में झांकने तक नहीं आए।
ट्रेन देर से आई, इसलिए नहीं पहुंचा बहरावद : सांसद
सांसद सतीश गौतम का कहना है कि शुक्रवार को सुबह 10 बजे से ग्राम स्वराज मिशन के अंतर्गत उनकी जनता चौपाल आदर्श ग्राम बहरावद में थी। लखनऊ से वापसी के दौरान उनकी ट्रेेन (कैफियात एक्सप्रेस) करीब 10.15 बजे अलीगढ़ पहुंची। इसकी वजह से उन्होंने अधिकारियों से कहकर ग्राम बहरावद का कार्यक्रम रद्द कर दिया था। ग्रामवासियों के विरोध के सवाल पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि जनता ने वोट देकर चुना है, वह विरोध भी कर सकती है। वह जल्द बहरावद जाकर ग्रामवासियों से मिलेंगे।