न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
हिंदू इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय कवि संगम की मासिक कवि गोष्ठी में हुई। गोष्ठी में डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने पढ़ा ‘मानस विदेशी से हो मुक्त सारा देश मेरा, माता मेरे देश का तू साहित्य संवार दे’।
सह संयोजिका पूनम शर्मा ने सुनाया ‘चक्रव्यूह में घेर कर, करते हो तुम घात, था पौरुष यदि आप में, बाहर करते बात’। श्री ओम वार्ष्णेय ने पढ़ा ‘गर्मी की छुट्टी होते ही नानी की याद सताती थी, मां हमऊ चलिंगे नानी कै बस यही रट लग जाती थी’।
अनिल वर्मा ने सुनाया ‘मंजिल से बढ़ कर मंजिल की तलाश कर, मिल जाए तुझे दरिया तो समंदर तलाश कर’। पाड़ी अलीगढ़ी ने पढ़ा ‘इस शरीर पर कितने कपड़े, पहने और पहन डाले हैं, जो मन को अच्छे लगते हैं, वो रिश्ते हमने पाले हैं’।
मुख्य अतिथि डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने सुनाया ‘ राम-राम सब राम-राम कहते जाते हैं, अत्याचारों के कोड़ा सहते जाते हैं’। इनके अलावा तेजवीर सिंह, भुवनेश चौहान, अविनाश कुमार, संयोजक मनोज नागर, संयोजक सुभाष सिंह तोमर, आचार्य रूप किशोर, नरेंद्र शर्मा आदि ने रचनाएं प्रस्तुत कीं।