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रिपोर्ट दी गर्भवती की, पेट में नहीं था बच्चा

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रिपोर्ट दी गर्भवती की, पेट में नहीं था बच्चा
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ब्यूरो अमर उजाला अलीगढ़।

लंबे अरसे से लिंग परीक्षण और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के प्रति उदासीन रुख रखने वाला स्वास्थ्य विभाग अब इनको लेकर सख्त हो गया है। महिला की गर्भ अवस्था की फर्जी रिपोर्ट बनाने और अल्ट्रासाउंड की इमेजिंग नहीं देने की शिकायत पर सीएमओ ने मेडिकल रोड स्थित अलीगढ़ अल्ट्रासाउंड एंड इमेजिंग सेंटर के संचालक डॉ. अमिर कमर को नोटिस दिया है। इनको 5 नवंबर को सीएमओ आफिस पर फार्म एफ और ओपीडी रजिस्टर के साथ हाजिर होने के लिए कहा गया है। दी गई रिपोर्ट में बताया कि महिला गर्भवती है जबकि हकीकत में वह गर्भवती नहीं थी।

नई दिल्ली आनंद विहार की सी-113 निवासी मिथलेश गुप्ता ने सीएमओ से शिकायत की थी कि वह गत दिनों मेडिकल रोड स्थित अलीगढ़ अल्ट्रासाउंड एंड इमेजिंग सेंटर पर अल्ट्रासाउंड गई थी। बताया गया कि वह गर्भवती है। इस रिपोर्ट को लेकर वह बन्ना देवी सम्राट लॉज के पास स्थित एक नर्सिंग होम पहुंची और वहां रिपोर्ट दिखाई। लेकिन मेडिकल चेकअप से बाद पता चला कि महिला गर्भवती नहीं है। यह बात जब महिला और उसके परिजनों को पता चली, तो उनके होश उड़ गए। इस पूरे मामले की शिकायत सीएमओ से की गई, जिसके बाद अलीगढ़ अल्ट्रासाउंड एंड इमेजिंग सेंटर को नोटिस भेजकर डॉक्टर को तलब किया गया।
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बन्ना देवी स्थित एक नर्सिंग होम की भूमिका संदेह के घेरे में
अलीगढ़। अलीगढ़ अल्ट्रासाउंड एंड इमेजिंग सेंटर के मामले की जांच में जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीम की नजर जीटी रोड, बन्ना देवी सम्राट लॉज के पास एक नर्सिंग होम पर भी है। इस नर्सिंग होम का संचालक डाक्टर नहीं है। न इसका स्वास्थ्य विभाग में रजिस्ट्रेशन है। इसका संचालक एक सामाजिक संगठन का वरिष्ठ पदाधिकारी रह चुका है। इसका एक नर्सिंग होम खैर में भी है, जो कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने सील किया था। विभाग के सामने अब सवाल यह है कि मेडिकल रोड से रिपोर्ट लेकर महिला सीधे इसी नर्सिंग होम पर पहुंची। इस नर्सिंग होम की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं, वे नर्सिंग होम बंद हों : कमिश्नर
गत दिनों सीएमओ आफिसर में कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा निरीक्षण के लिए आए थे। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं है, उन्हें नोटिस क्यों दिया जाता है, उनके खिलाफ सीधे बंद करने की कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि जिले में ऐसे नर्सिंग होम की भरमार है, जिनके पास रजिस्ट्रेशन नहीं है। वहां पर ‘सभी’ तरह के काम किए जा रहे हैं।
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