फिर माल गलाने के फेर में फंसा गैंगेस्टर सचिन
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर में ताबड़तोड़ लूट व डकैतियों के बाद से बदमाशों की धरपकड़ में जुटी पुलिस को मंगलवार देर शाम फिर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सफलता पर पुलिस खासी उत्साहित है। पुलिस की मानें तो मुठभेड़ में घायल लुटेरे के पास से मुर्गे का अचार विक्रेता के घर डाके में गए माल का कुछ हिस्सा मिला है।
अंदेशा है कि वह इस माल को गलाने के इरादे से शहर में घूम रहा था। चूंकि गोली लगने के कारण डॉक्टरों ने उसे इलाज के लिए भर्ती कर लिया है। इसलिए पुलिस ज्यादा पूछताछ नहीं कर सकी है। मगर अब उससे पूछताछ में अन्य साथियों की तलाश व अन्य वारदातों पर जानकारी करेगी।
अखिलेश के इशारे पर अलीगढ़ में गैंग सक्रिय
एसपी सिटी के अनुसार सचिन पर जहांगीराबाद, हापुड़, नोएडा, अलीगढ़, बुलंदशहर में गैंगेस्टर से लेकर लूट, डकैती आदि के मुकदमे दर्ज हैं। अलीगढ़ का कुख्यात लुटेरा अखिलेश शिवा का भांजा विक्रम भी चूंकि हापुड़ का मूल रूप से रहने वाला है और बुलंदशहर जेल में आगरा के रवि टमाटर के साथ रहा। इसी दौरान इनकी मुलाकात सचिन से हुई। तभी से यह गैंग बना है और अखिलेश के इशारे पर यहां वारदातों के लिए यह गैंग सक्रिय हुआ है।
कहीं सचिन पहलवान ने पता तो नहीं छिपाया
पुलिस को अंदेशा है कि वर्ष 2012-13 में क्वार्सी के केला नगर चौराहे के पास रविवार की सुबह-सुबह अतरौली के पशु व्यापारियों से 19 लाख रुपया लूटा गया था। उस वारदात में जहांगीराबाद के गांव जखैता के सचिन पहलवान पुत्र ओमप्रकाश का नाम आया था। मगर वारदात के बाद वह नोएडा में आरवन-5 बाइक पर एक्सीडेंट में बुरी तरह घायल हुआ था और लूट की पूरी रकम अपने इलाज में खर्च कर ली थी। मगर अब पूछताछ में उसने अपना पता जहांगीराबाद बस स्टैंड के पास लिखवाया है। इसलिए अंदेशा है कि कहीं उसने पुराना रिकार्ड छिपाने के इरादे से पता तो नहीं छिपाया।
टीम की ठोंकी गई पीठ
इस सफलता में मौके पर अभय शर्मा के अलावा दो दिन पहले मुठभेड़ में जख्मी हुए एमपी सिंह, सुभाष आदि थे। एसएसपी ने पहुंचकर सभी की पीठ ठोंकी। मौके पर देखा कि काफी संख्या में कारतूस व खोखा पड़े हैं। एक तमंचा व बाइक भी मौके पर ही मिली। मौके से जब घायल बदमाश को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची तो उसने मीडिया के किसी भी सवाल पर जवाब देना उचित नहीं समझा।