जिले में बुधवार को कोरोना महामारी से बचने के लिए जनपद के शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र पर 17 केंद्रों के 17 बूथों पर कोविशील्ड लगाई गई। सभी बूथों पर सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक जिले के 1479 स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर व 60 साल के बुजुर्गों को कोविड-19 के टीके लगाए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि जिले के देहात क्षेत्र में हरदुआगंज, इगलास, अतरौली, गोंडा, अकराबाद, बिजौली, चंडौस, गभाना, छर्रा, जवां, टप्पल, खैर एवं शहरी क्षेत्र के मोहन गौतम लाल राजकीय महिला चिकित्सालय, मलखान सिंह जिला चिकित्सालय व डीडीयू व जेएन मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर व 60 साल के बुजुर्गों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी गई ।
सीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि टीका लगने के बाद आधे घंटे तक प्रतिरक्षा कमरे में विशेषज्ञ की निगरानी में रखा गया। किसी को कोई दिक्कत होने पर समस्या का समाधान का इंतजाम था। उन्होंने कहा कि प्रतिरक्षित व्यक्ति भी कोरोना अनुरूप व्यवहारों जैसे मास्क पहनना, हाथ की सफाई और 6 फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखने का पालन करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण अभियान के दिन कई ऐसे लोग भी रहे, जिनका नाम कोविन पोर्टल पर पंजीकृत था, लेकिन वह टीकाकरण के समय से नहीं आए। जनपद में 2,040 लक्ष्य को निर्धारित करते हुए 17 केंद्रों पर कोविडशील्ड की वैक्सीन लगाई गई। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क, 2 गज दूरी और टीकाकरण कराना आवश्यक है। टीकाकरण कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली पर मेडिकल ऑफिसर डॉ.अदिति यादव ने कोरोना का टीका लगवाया और उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि सभी टीकाकरण जरूर कराएं देश को कोरोना मुक्त बनाएं। उन्होंने कहा कि टीका लगने के बाद अच्छा महसूस कर रहे हैं। टीका लगे हुए काफी समय बीत चुका है अभी तक उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई है। अपनी ड्यूटी कर रही हैं।
स्टाफ नर्स मगन चौहान ने बताया कि उनको कोविड-19 का दूसरा टीका लगा है। टीका लगवाकर बहुत अच्छा लग रहा है। अतरौली अस्पताल की काउंसलर श्वेता रानी ने बताया कि उन्होंने कोरोना का दूसरा टीका लगवाया है। टीका लगने के बाद कोई परेशानी नहीं है। टीकाकरण में एएनएम अनीता देवी, ओपी सिंह, सचिन कौशिक, सौरव कुमार, अशोक कुमार और यूनिसेफ के डीएमसी आरिफ अली व शादाब हुसैन का सहयोग रहा।