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सर, नसबंदी के बाद भी हो गया बेटा

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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
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सर, मैंने अपनी खराब आर्थिक स्थिति के कारण नसबंदी कराई थी। इसके बाद निश्चिंत हो गई, लेकिन एक साल बीतते-बीतते न केवल मैं गर्भवती हो गई, बल्कि मुझे एक बेटा और हो गया। सात बच्चों की मां कमलेश देवी पत्नी सत्यपाल की यह व्यथा सरकारी अस्पतालों में नसबंदी के आपरेशनों की प्रासंगिकता एवं गुणवत्ता पर सवाल उठाने के लिए काफी हैं। डीएम ने इस मामले में सीएमओ को जांच के आदेश दिए हैं।
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कमलेश देवी ने बताया कि उनके पहले से ही सात बच्चे थे। कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण इनके ही भरण-पोषण में दिक्कत आ रही थी। इस समस्या के चलते मैंने मोहनलाल गौतम राजकीय महिला चिकित्सालय में 13 जुलाई 2013 को नसबंदी का आपरेशन कराया था। लेकिन इसके बावजूद भी मैं गर्भवती हो गई और मैंने 28 अगस्त 2015 को बेटे को जन्म दिया। नसबंदी के बाद जन्मे बच्चे के भरण-पोषण के लिए मैंने तत्कालीन जिलाधिकारी के कार्यकाल में आवेदन किया, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला। गांव कैमथल निवासी दुशासन पुत्र शेर सिंह ने गांव में संचालित अवैध आरा मशीन के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। पला साहिबाबाद नई आबादी निवासी बैकुंठी देवी पत्नी स्व. चंद्रपाल ने अपने बेटे द्वारा घर से निकाले जाने की शिकायत की। कुल मिलाकर 40 शिकायतें मिलीं।
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