डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
शासन के आदेशानुसार जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में बच्चों को निशुल्क स्वेटर वितरण का कार्यक्रम जोरों पर चल रहा है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि बिना बजट जारी हुए ही यह स्वेटर बंट चुके हैं। शासन से इस मद में कोई बजट नहीं आया है। आया है तो सिर्फ आदेश। वहीं इसी आदेश के अनुसार अधिकारियों ने भी प्रधानाचार्यों को निर्देश जारी कर दिए। जिले में दो लाख 18 हजार छात्रों पर चार करोड़ 36 लाख रुपये का बजट स्वेटर पर खर्च होना है।
प्रधानाचार्य अपनी साख पर बिना बजट उधार ही स्वेटर बंटवाने में लगे हुए हैं। लेकिन यहां सवाल उठता है कि अगर बजट जारी ही नहीं हुआ तो लगभग चार करोड़ 36 लाख रुपये का माल बेसिक शिक्षा विभाग में उधार खाते ही चल रहा है। वहीं अभी तक 70 से 80 प्रतिशत स्वेटर वितरण का कार्य पूरा हुआ है। ऐसे में फर्म भी अभी शांत बैठी हैं। लेकिन जैसे ही वितरण कार्य पूरा होता है तो वह अपने रुपये मांगना शुरू कर देंगी। ऐसे में प्रधानाध्यापक कहां से रुपये लेकर आएगा।
इस संबंध में बीएसए दफ्तर के सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा भेजे गए बजट में सबसे पहले जूते-मोजे का पेमेंट होना है। इसके बाद कोष में 78 लाख 70 हजार रुपये बच रहे हैं। ऐसे में स्वेटर के लिए शासन से तीन करोड़ 57 लाख रुपये की डिमांड कर रखी है। बजट आते ही प्रधानाचार्यों को जारी कर दिया जाएगा।