न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
50 वर्ष से अधिक उम्र के तीन एडीओ पंचायतों पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तलवार लटक गई है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत शौचालय निर्माण का प्रतिदिन का लक्ष्य पूरा न करने एवं जियो टैगिंग न करने के मामले में सीडीओ ने गंगीरी, धनीपुर एवं गोंडा के एडीओ पंचायतों को चेतावनी जारी कर दी है। उन्हें लक्ष्य पूर्ण करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वीडियो कांफ्रेंसिंग होनी है। इस दौरान वह शौचालय निर्माण की प्रगति, जिले में चयनित 250 तालाबों की खुदाई एवं निर्माण, एमआईएस फीडिंग एवं शौचालय निर्माण की जियो टैगिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र ने मंगलवार को जिले के सभी एडीओ और बीडीओ की बैठक बुलाई।
सभी को तालाबों की खुदाई का काम चार जून तक पूर्ण करने, शौचालय निर्माण का काम लक्ष्य के अनुरूप करने तथा कम से कम 75 फीसदी शौचालय निर्माण एवं अन्य कामों की जियो टैगिंग किये जाने के आदेश दिये।
इस दौरान सभी एडीओ के प्रतिदिन के लक्ष्य की भी समीक्षा की गई। समीक्षा में गंगीरी के एडीओ रमेश चंद्र शर्मा, धनीपुर के नाहर सिंह एवं गोंडा के मुकेश शर्मा का काम सबसे पिछड़ा पाया गया।
इससे गुस्साए सीडीओ ने स्पष्ट कहा कि या तो यह तीन एडीओ एक सप्ताह में कार्य की प्रगति ठीक कर लें, अन्यथा इनके खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की कार्रवाई अमल में लाई जाए।
बताते चलें कि शासनादेश के मुताबिक कार्य में अक्षम 50 साल या उससे अधिक आयु के अधिकारी एवं कर्मचारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का प्रावधान है।
डीपीआरओ पारुल सिसौदिया ने स्वीकार किया कि जियो टैगिंग एवं प्रतिदिन का लक्ष्य पूरा न करने के मामले में गंगीरी, धनीपुर एवं गोंडा के एडीओ को एक सप्ताह में कार्य प्रगति न सुधारने पर सीडीओ ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इस मौके पर डीसी मनरेगा अमरेंद्र प्रताप सिंह समेत अन्य अफसर मौजूद थे।