न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे कॉलेज संचालक व भाजपा नेता साहब सिंह और उनके छोटे भाई अतरौली ब्लॉक प्रमुख केहर सिंह पर अदालत ने फिर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आप नेता कमल सिंह की रिवीजन याचिका एडीजे कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। साथ ही मामले की सुनवाई के लिए पांच मार्च तारीख नियत कर दी है।
पला साहिबाबाद निवासी कमल सिंह ने पूर्व में दोनों भाइयों के विरुद्ध याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि रोशन स्मारक शिक्षा समिति अलापुर गड़िया बन्नादेवी के संचालक साहब सिंह द्वारा पला साहिबाबाद में एक से पांच तक जनता बाल विद्यालय व एक से आठ तक रोशनलाल सिंह स्मारक जूहा एक ही भवन में संचालित किए गए।
वर्ष 2010 में दोनों स्कूलों के रमेश चंद्र प्रिंसिपल थे। बाद में फर्जी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने की जानकारी पर रमेश चंद्र ने त्यागपत्र दे दिया था। इस मामले में आरटीआई में छात्रवृत्ति घपला का मामला सामने आया। तब कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई और दोनों पर 23 नवंबर, 14 में आरोप पत्र दाखिल हुआ।
याचिका में कहा कि विवेचना में छात्रों की संपूर्ण संख्या नहीं दर्शायी गई थी। इसीलिए मुकदमा दर्ज किया जाए। 27 मार्च, 15 को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इस आदेश के खिलाफ कमल सिंह ने रिवीजन याचिका दायर की। अधिवक्ता अशोक कुमार यादव ने बताया कि एडीजे-चार सुरेंद्र सिंह द्वितीय की कोर्ट ने रिवीजन स्वीकार कर लिया है। मामले में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।