एसआईटी से कराई जाए फराज की मौत के मामले की जांच
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। एएमयू के बीटेक (इनेक्ट्रोनिक्स) फाइनल ईयर के एनआरआई छात्र फराज मुहम्मद तारिक की कथित आत्म हत्या मामले की जांच विशेष जांच शाखा (एसआईटी) से कराने की मांग एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य एवं पूर्व एमएलसी तनवीर हैदर उस्मानी ने की है। फराज के मामले में एएमयू की उदासीनता से वह खफा है। उनका कहना है कि एनआरआई छात्र का मामले को मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे।
ईसी सदस्य तनवीर हैदर उस्मानी का कहना है कि पिछले चार साल से जब एनआरआई छात्र परीक्षा में फेल कर रहा था तो यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा उसकी काउंसलिंग क्यों नहीं की गई? इसके साथ ही उसके परिजनों को ईमेल या अन्य माध्यमों से उसकी सूचना क्यों नहीं दी गई? प्रशासन की उदासीनता से एएमयू की बदनामी पूरी दुनिया में हो रही है। उन्होंने कहा कि रात में 10.02 बजे (इसी समय सीसीटीवी में फराज दिखता है) कौन सी नमाज होती है?
जब हास्टल बंद है, तो वह अंदर एवं सीढ़ी का बंद दरवाजा पार कर छत तक कैसे पहुंचा? गेट एवं हॉस्टल के अधिकारियों के खिलाफ अब तक एएमयू प्रशासन द्वारा क्यों नहीं कार्रवाई की गई? उन्होंने कहा कि पुलिस के बदले एसआईटी से जांच करानी चाहिए, क्याेंकि सीसीटीवी में फराज रिलेक्स नजर आ रहा है।
उन्होंने कहा कि फराज नमाजी लड़का था। वह जरूर जानता होगा कि इस्लाम में आत्महत्या हराम है। इस मामले में यूनिवर्सिटी की लापरवाही की भी जांच और कार्रवाई होनी चाहिए। एक महीने के अंदर जांच कर यूनिवर्सिटी अपने स्तर से पूरी स्थिति स्पष्ट करें। तनवीर हैदर उस्मानी ने कहा कि ईसी सदस्य डॉ. उमेश कदम एवं प्रो. आरआर सिंह ने भी इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे है। उल्लेखनीय है कि तीनों ईसी सदस्य राष्ट्रपति एवं राज्यपाल द्वारा नामित किये गये हैं।
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