गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तथाकथित गोरक्षकों पर दिए गए बयान के बाद अब मुस्लिम स्टडीज एंड एनालिसिस (एफएमएसए) ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग की है। वहीं, प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत भी किया है। कहा, निर्दोष लोगों पर हो रहे तथाकथित गोरक्षकों के हमले से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंच रहा है, जो देश के लिए शुभ संकेत नहीं हैं। देश में आपसी सौहार्द और गंगा-जमुना तहजीब कैसे कायम रहे, इस पर एएमयू के शिक्षकों और बुद्धजीवियों ने खुलकर अपनी राय रखी।
एफएमएसए के निदेशक डॉ. जसीम मोहम्मद ने कहा कि पहले तो मैं प्रधानमंत्री के उस बयान का स्वागत करता हूं कि जिसमें उन्होंने गोरक्षकों को इंसानियत की अहमियत बताई। जसीम ने कहा, मुस्लिमों पर हमले बंद होने चाहिए। यह देश के लिए ठीक नहीं है। ऐसे लोगों पर लगाम लगनी चाहिए। साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए।
एएमयू के कोर्ट मेंबर प्रोफेसर हुमायूं मुराद ने कहा कि हिंदुस्तान के डीएनए में शांति और सहिष्णुता है। आज के वातावरण को अच्छा बनाने की बजाय उसे उलझाने की कोशिश की जा रही है अलीगढ़ मुस्लिम टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व सचिव डॉ. मोहम्मद शाहिद ने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद हर महीने ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि हिंदू-मुस्लिम व सामाजिक संगठनों को आगे आना होगा, जो माहौल में घुली द्वेष, ईर्ष्या, मनमुटाव रूपी जहर से निजात दिलाएं।
जामिया उर्दू अलीगढ़ के ओएसडी फरहत अली खान ने कहा कि देश में आतंक का माहौल बन रहा है, जिससे उबरने की जरूरत है, नहीं तो स्थिति भयावह हो जाएगी।