पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले में दो हजार से अधिक अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। इनमें करीब 1800 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 200 ऐसे हैं, जिनका मौजूदा पता और गतिविधियां पुलिस के रिकॉर्ड में स्पष्ट नहीं हैं।
अलीगढ़ जिले में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज करीब 200 हिस्ट्रीशीटर बदमाश पुलिस की निगाह से लापता हैं। इनका न मौजूदा ठिकाना मिल रहा है और न ही सत्यापन हो पा रहा है। अब इनकी तलाश पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने यहां तक ऑफर दे दिया है कि जो सिपाही हिस्ट्रीशीटर को तलाशकर उसका सत्यापन कराएगा, उसे एक हजार रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।
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पुलिस लाइन में हाल ही में हुई अपराध समीक्षा बैठक में यह स्थिति सामने आई। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिले में दो हजार से अधिक अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खुली हुई है। इनमें करीब 1800 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 200 ऐसे हैं, जिनका मौजूदा पता और गतिविधियां पुलिस के रिकॉर्ड में स्पष्ट नहीं हैं।
एसएसपी ने इसे गंभीरता से लेते हुए सभी बीट कांस्टेबलों को अपने-अपने क्षेत्र के लापता हिस्ट्रीशीटरों की तलाश करने के निर्देश दिए हैं। सिपाही संबंधित अपराधी का वर्तमान पता लगाने के साथ उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाएंगे और उसका भौतिक सत्यापन भी कराएंगे।
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बीट सिपाही पर निगरानी की अहम जिम्मेदारी
पुलिसिंग में बीट सिपाही की अपने क्षेत्र के अपराधियों पर नजर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उसे क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटरों के बारे में जानकारी रखने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी जाती है। ऐसे में करीब 200 हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन नहीं होना पुलिस के लिए चिंता का विषय है। अब अभियान के जरिए इनके मौजूदा ठिकाने और गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी। एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने कहा कि जो बीट कांस्टेबल अपने क्षेत्र के लापता हिस्ट्रीशीटर को तलाशकर उसका सत्यापन कराएगा, उसे एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।