केदारनाथ त्रासदी वाले वर्ष में अलीगढ़ से हर साल की तरह सैंकड़ों भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन को वहां गए थे। इसी बीच वहां पर त्रासदी आ गई। इसमें अलीगढ़ से 30 से अधिक लोग लापता हो गए। इनमें से कई तो त्रासदी के तीन से चार साल बाद भी अपने घर वापस लौट आए। 20 लोग आज भी घर नहीं लौटे।
उत्तराखंड के केदारनाथ में आई त्रासदी के आठ साल पूरे हो चुके हैं। मगर, इसका गम आज भी अलीगढ़ के कई परिवारों के दिलों में घर बनाए हुए हैं। इन परिवारों ने अपने 20 लोगों को इस त्रासदी में गंवा दिया। वह लोग आज तक लापता हैं, न तो उनके शव मिले हैं और न ही मृत संबंधी अन्य कोई साक्ष्य। ऐसे में अपनों के इंतजार में यह परिवार आज तक टकटकी लगाए हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि वह लोग एक न एक दिन जरूर लौटकर आएंगे।
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केदारनाथ त्रासदी वाले वर्ष में अलीगढ़ से हर साल की तरह सैंकड़ों भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन को वहां गए थे। इसी बीच वहां पर त्रासदी आ गई। इसमें अलीगढ़ से 30 से अधिक लोग लापता हो गए। इनमें से कई तो त्रासदी के तीन से चार साल बाद भी अपने घर वापस लौट आए। 20 लोग आज भी घर नहीं लौटे।
जिले के थाना सासनी गेट, गांधी पार्क, बन्नादेवी, क्वार्सी, सिविल, देहली गेट थाना क्षेत्र के लोग लापताओं में शामिल हैं। ऐसे भी लोग हैं, जिनका काम ट्रैवल एजेंसी संचालन का था, वह भक्तों को केदारनाथ लेकर गए थे। बन्नादेवी निवासी संजीव वार्ष्णेय ने बताया कि त्रासदी में उनके परिवार के दो लोग लापता हैं। इसके अलावा आस पड़ोस के भी कई लोग लापता है। उनके लौटने की आज भी आस दिलों में जिंदा है।