दीपक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़। मोतियाबिंद से ग्रसित मरीजों को राहत देने के लिए व्यापक स्तर पर सरकार की ओर से चलाए गए अंधता निवारण अभियान की आंखों में स्वास्थ्य विभाग के कुछ लोगों ने भ्रष्टाचार की धूल झोंक दी है। नि:शुल्क आपरेशन के बाद दिए जाने वाले नि:शुल्क चश्मे को मरीजों को नहीं दिया गया। उस पैसे को ठिकाने लगा दिया गया। सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर अप्रैल से अब तक जिले में 20 हजार से अधिक आपरेशन मोतियाबिंद के हुए हैं। पूरे मामले की भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से पत्र लिखकर शिकायत की है।
अंधता निवारण अभियान के तहत मोतियाबिंद के आपरेशन नि:शुल्क किए जाते हैं। इनमें 3246 आपरेशन सरकारी अस्पतालों में किए गए हैं, जबकि अन्य आपरेशन संस्था और निजी नर्सिंग होम में किए गए हैं। इस काम में दो एनजीओ का भी सहयोग लिया गया है। अब सरकारी अस्पतालों में भी फेको विधि (बिना चीरफाड़ के आपरेशन) से आपरेशन किया जाता है। प्रावधान है कि आपरेशन के बाद 40 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों को विभाग की ओर से चश्मा भी दिया जाता है। केंद्रीय मंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि दर्जनों मामले ऐसे प्रकाश में आए जिनमें आपरेशन के बाद मरीज को चश्मा नहीं दिया गया। जबकि इसके पैसे को ठिकाने लगा दिया गया। पत्र में इस मामले की जांच की मांग की गई है। साथ ही जिन लोगों ने इस अनियमितता को अंजाम दिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाए।
अगर ऐसा कुछ है तो उसकी गंभीरता से जांच कराई जाएगी और जो भी इसके लिए दोषी होगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
- डॉ. एमएल अग्रवाल, सीएमओ