क्यों दर्ज नहीं हुआ पीएसी कर्मियों का मुकदमा
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
अलीगढ़। सेवानिवृत्त आईएएस व अलीगढ़ के पूर्व जिलाधिकारी तुलसी प्रसाद गौड़ से मारपीट के मामले में पीएसी कर्मियों की ओर से मुकदमा न होने का मुद्दा भी तूल पकड़ रहा है। बुधवार को इस सिलसिले में पीएसी 38वीं वाहिनी के सेनानायक ने एसएसपी से बातचीत की और मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश की। इस पर एसएसपी की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया है। बता दें कि इस मामले में पूर्व डीएम की पत्नी अदिति गौड़ की ओर से दो पीएसी कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि मारपीट का आरोप दोनों ओर से है।
बता दें कि तुलसी प्रसाद गौड़ अपनी पत्नी अदिति गौड़ के साथ सोमवार देर शाम कार से रामघाट रोड पर खरीदारी करने निकले थे। उन्होंने एटीएम से रुपये निकालने का कई जगह प्रयास किया, लेकिन रुपये नहीं मिले। वह पत्नी से बात करते हुए पीएसी 38वीं वाहिनी के गेट तक पहुंच गए, जहां उन्होंने पीएसी गेट के बराबर कार रोक दी। इस दौरान गेट पर खड़े सिपाही ने उनसे गाड़ी हटाने के लिए कहा तो उन्होंने कुछ देर रुकने की बात कही।
इस पर दोनों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। मारपीट में तुलसी प्रसाद की नाक में गंभीर चोट लग गई थी। इस मामले में मंगलवार को अदिति गौड़ की ओर से पीएसी के दो अज्ञात सिपाहियों पर अभद्रता, मारपीट व जानलेवा हमला आदि का मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं पीएसीकर्मी कृष्ण मुरारी की ओर से पहले ही दिन तहरीर भेज दी गई थी। इस पर बुधवार को कमांडेंट एन कोलांची ने एसएसपी से वार्ता की और कहा कि मुकदमा दर्ज न होने पर पीएसीकर्मियों में असंतोष है। इस पर एसएसपी ने उन्हें आश्वस्त किया है।