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अलीगढ़ के कपड़ा व्यापारियों से जीएसटी नंबर मांग रहे मिल मालिक

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विक्रेता लिखेगा क्रेता का जीएसटी नंबर
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

जीएसटी को लेकर कपड़ा व्यवसायियों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। कपड़ा मिल के संचालक व्यापारियों से जीएसटी नंबर मांग रहे है। जिनके पास जीएसटी नंबर नहीं है, उन्हें एक जुलाई के बाद माल नहीं मिलेगा। नियमानुसार विक्रेता को क्रेता का जीएसटी नंबर लिखना जरूरी है।

जानकारों की माने तो जिले में करीब दो हजार कपड़ा व्यवसायी (रेडीमेड नहीं) है। पहले वैट से छूट मिला था। नई व्यवस्था में यह भी टैक्स के दायरे में आ गए है।
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जिले के दो हजार में से करीब 60 प्रतिशत व्यवसायी ऐसे है, जिनका सालाना टर्न ओवर 20 लाख के अंदर है। इन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होगी। लेकिन दो हजार में से करीब 15 प्रतिशत व्यवसायी ऐसे है, जो 75 लाख की लिमिट में आएंगे।

ऐसे लोग ज्यादा परेशान नजर आ रहे है। उनके सामने सबसे बड़ी समस्या कंपाउडिंग स्कीम लेने या न लेने की है। कंपाउडिंग स्कीम लेने की स्थिति में इनपुट टैक्स क्रेेडिट नहीं मिलेगा।

30 जून को दुकान बंद कर रैली निकालेंगे कपड़ा व्यवसायी

30 जून को दुकान बंद कर कपड़ा व्यापारी महानगर में रैली निकालेंगे। दी अलीगढ़ क्लाथ मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव श्याम राजमहल ने बताया कि 30 जून को सुबह 9 बजे ऊपर कोट से कलक्ट्रेट तक रैली का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि रैली के लिए गुरुवार को प्रशासन से अनुमति लेंगे। एसोसिएशन द्वारा पहले से ही जीएसटी विरोध कमेटी का गठन किया गया है। इसमें संयोजक गणेश घूंघट, अनिल शुभम, डॉ. संजय सिंघल, जीतेंद्र वार्ष्णेय, विष्णु बजाज आदि शामिल है।
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प्रभारी मंत्री से मिलेंगे व्यापारी

जीएसटी से असंतुष्ट व्यापारी 30 जून को कलक्ट्रेट में प्रभारी मंत्री सुरेश राणा से मुलाकात करेंगे। शहर विधायक संजीव राजा ने यह पहल की है। रैली के बाद कपड़ा व्यापारी प्रभारी मंत्री से मिलकर अपनी समस्याओं को रखेगा। संजीव राजा ने बताया कि कपड़ा के अतिरिक्त ताला, हार्डवेयर एवं अन्य व्यवसाय से जुड़े व्यापारी भी प्रभारी मंत्री से मिलेंगे।
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