न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
साहब हमने उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती 2013 में लिखित परीक्षा के साथ मेडिकल भी पास कर ली। लेकिन तब से लेकर अब तक हम 11786 अभ्यर्थियाें को नियुक्ति नहीं मिली है। इतने लंबे समय तक संघर्ष करने के बाद हमारा आत्म विश्वास डगमगा गया है। हम अब जीना नहीं चाहते, कृपया इच्छा म़ृत्यु की इजाजत दी जाय। यह गुहार वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश आरक्षी भर्ती में मेडिकल पास करने वाले अभ्यर्थियों ने डीएम दरबार में लगाई। डीएम ने मामला शासन को भेजे जाने का आश्वासन दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री काल में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी के 41610 पदों के लिए आवेदन मांगा गया था। इन पदों के लिए 22 लाख अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा दी। लिखित परीक्षा के बाद 55 हजार अभ्यर्थियों को मेडिकल के लिए बुलाया। इसके उपरांत 16 जुलाई 2015 को 38315 अभ्यर्थियों का अंतिम रूप से चयन करके उन्हें ट्रेनिंग पर भेजा गया।
शेष पदों को अग्रसारित कर दिया जाता है। इन पदों को लेकर कुछ अभ्यर्थियों के हाईकोर्ट चले जाने के बाद आए निर्णय में न्यायालय ने चार मई 2018 को प्रदेश सरकार को अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द रिक्त पदों पर नियुक्ति देने के आदेश दिये। इसके अनुपालन में 13 अगस्त 2018 को उत्तर प्रदेश पुलिस बोर्ड द्वारा एक विज्ञप्ति के माध्यम से नए 8678 अभ्यर्थियों को मेडिकल के लिए बुलाया। जबकि पूर्व में 6786 अभ्यर्थी मेडिकल के लिए उपलब्ध थे। नए अभ्यर्थियों की मेडिकल सितंबर 2018 में पूर्ण हो गई।
लेकिन मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह से लेकर मंत्री आदि से शिकायत करने के बाद भी नियुक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मौके पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद थे।