न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आशाओं को प्रलोभन देकर गर्भवती मामले अपने नर्सिंग होम पर लाने वाले तीन लोगों को जिला महिला अस्पताल प्रशासन ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। इन लोगों से अस्पताल के विजिटिंग कार्ड, डायरी, अब तक महिला अस्पताल से नर्सिंग होम पहुंचाए गए केस आदि का विवरण जब्त कर लिया गया है। इन लोगों को माफी मांगने पर चेतावनी देकर छोड़ा गया है।
मोहन लाल गौतम जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. गीता प्रधान ने बताया कि अस्पताल में ऐसी आशा वर्कर भी सक्रिय हैं जो निजी नर्सिंग होम के लिए केस ले जाती हैं। यह आशा मरीजों के तीमारदार को बताती हैं कि यहां पर मरीज की ठीक से देखभाल नहीं होती।
यहां पर स्टाफ बहुत लापरवाह है। गत रात्रि भी उनको सूचना मिली कि कुछ लोग एक वैन में अस्पताल में आए हैं और यहां पर मरीजों और आशा वर्करों को गैर वाजिब प्रलोभन दे रहे हैं। यह लोग अपने यहां केस लाने के लिए आशा वर्करों को पैसे के साथ खाना, इलेक्ट्रोनिक उपकरण, साड़ी आदि का प्रलोभन दिया करते हैं। जैसे ही सीएमएस स्टाफ सहित अस्पताल पहुंची तो यह लोग मौके से भागने लगे, लेकिन इनको पकड़ लिया। इन्होंने बताया कि बरौला बाईपास सर्वोदय नगर स्थित एक नर्सिंग होम के लिए यह यहां से केस ले जाते हैं।
इन लगों को कड़ी फटकार लगाने और भविष्य में ऐसा नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ा गया है। सीएमएस ने बताया कि घटना क्रम के संबंध में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।