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12 फिर लटक गया टप्पल के किसानों का मुआवजे का मामला

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न्यूज डेस्क , अमर उजाला, अलीगढ़।
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करीब एक दशक से यमुना एक्सप्रेस वे निर्माण में अधिग्रहीत की गई भूमि के मुआवजे की आस में बैठे टप्पल समेत पांच गांवों के किसानों का मसला फिर लटकता नजर आ रहा है।

प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा तय मुआवजे के साथ 152 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर ब्याज तथा यमुना एक्सप्रेस वे अथारिटी द्वारा डेढ़ प्रतिशत ब्याज देने के आदेशों पर सहमति बनने के बाद स्थानीय स्तर से पूर्व में जारी किए गए अवार्ड में खामी दुरुस्त होने की संभावना एडीएम वित्त एवं राजस्व के स्थानांतरण के कारण लटकती नजर आ रही है। इससे परेशान किसान के सामने अगले एडीएम के आने का इंतजार करने के सिवाय कोई चारा नहीं है।
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इस मामले में लगातार संघर्ष कर रही पूर्व ब्लाक प्रमुख टप्पल शशि सिंह ने बताया कि सपा सरकार के राज में करार न करने वाले 110 हेक्टेयर भूमि वाले किसानों की भूमि को अवार्ड घोषित कर मुआवजा दरें 1127.90 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर तय हुई थी, लेकिन इसमें ब्याज कम लगाई गई थी।

नौ साल से मुआवजे का इंतजार कर रहे किसानों को समझौते के अनुसार 152 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर ब्याज के साथ डेढ़ प्रतिशत बैंक की ब्याज दी जानी थी। उस समय सरकार ने बढ़े सर्किल रेटों के हिसाब से ब्याज में संशोधन का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव आने और सरकार के जाने के बाद मामला लटक गया।

इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर किसानों को न्याय दिलाये जाने की मांग की। सीएम ने प्रमुख सचिव राजस्व को मामले को सुलझाने को कहा। प्रमुख सचिव स्तर पर मुआवजे के साथ 152 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर ब्याज एवं डेढ़ प्रतिशत बैंक ब्याज अथारिटी स्तर से दिलाने की बात कही।

इसके बाद वह डीएम चंद्रभूषण सिंह से मिलीं। उन्होंने एडीएम वित्त एवं राजस्व बच्चू सिंह से पूछा तो उन्होंने बताया कि पहले हुए अवार्ड की कापियां शासन स्तर पर भेजी जा चुकी हैं।
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इस पर डीएम ने उन्हें दोबारा से अवार्ड की संशोधित कापी जारी करने के निर्देश दिये। तब तक शासन से मुआवजे के लिए आया पैसा किसानों को देने की बात कही, लेकिन ऐन मौके पर एडीएम के स्थानांतरण ने सब गुड़ गोबर कर दिया। भाजपा नेत्री ने बताया कि अब नए एडीएम वित्त के आने पर उनसे इस मामले को आगे बढ़ाने का आग्रह किया जाएगा।
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