न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
बेसिक शिक्षा महकमे के 2,390 शिक्षकों की ड्यूटी अभी तक बोर्ड परीक्षा में लगा दी गई है। कुछ अध्यापक परीक्षा में ड्यूटी करने में आनाकानी कर रहे हैं, लेकिन इसे लेकर बीएसए का रुख काफी सख्त है। बीमारी को लेकर भी प्रार्थना पत्र नहीं माने जा रहे। एक प्रधानाध्यापक ने जब परीक्षा में ड्यूटी करने से इंकार कर दिया तो बीएसए ने उसे निलंबित कर दिया।
मंगलवार से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। परीक्षा ड्यूटी के लिए पर्याप्त शिक्षक न मिलने पर एडीआईओएस ने यह मसला डीएम के समक्ष उठाया था। तब डीएम ने बीएसए को यह आदेश दिए थे कि भले ही परिषदीय स्कूल बंद होे जाएं, लेकिन बोर्ड परीक्षा के लिए शिक्षक माध्यमिक शिक्षा विभाग को जरूर दिए जाएं।
अब बेसिक स्कूलों के काफी अध्यापक अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए काफी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। कमालपुर विद्यालय की सहायक अध्यापिका की ड्यूटी रामवीर सिंह दलवीर सिंह इंटर कॉलेज कुंवरपुर में लगा दी गई है।
उसने बीमारी की बात बताकर बीएसए से ड्यूटी करने में असमर्थता जताई तो बीएसए ने धनीपुर बीईओ कोे स्पष्ट आदेश दे दिया कि उक्त शिक्षिका को कार्यमुक्त न किया जाए। इसी तरह गंगीरी के कदमपुर के प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने जब ड्यूटी पत्र लेने से इंकार कर दिया तोे बीएसए ने उसे निलंबित कर दिया है।