आशीष निगम, अमर उजाला, अलीगढ़।
निजी स्थानों पर संचालित जन सुविधा केंद्र, लोकवाणी केंद्र और भारत सरकार के डिजिटल कामन सर्विस सेंटर को आधार कार्ड बनाने के लिए अनधिकृत घोषित कर दिया गया है।
इन केंद्रों में आधार कार्ड में कोई भी मामूली सुधार भी नहीं हो सकता है। अगर कोई कार्ड बनाता हुआ मिलेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसके लिए केवल वही लोग अधिकृत माने जाएंगे जो किसी सरकारी विभाग के परिसर में आधार कार्ड बनवाने की सुविधा देंगे।
कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी के अधिकारी विष्णुकांत ने बताया कि वर्तमान में जिले में लगभग 50 केंद्रों में आधार कार्ड बनवाने या उनमें सुधार कराने की सेवाएं मिल रहीं थीं। अब निजी स्थानों पर संचालित ऐसे केंद्रों में आधार से संबंधित सभी सेवाएं बंद हो चुकी हैं।
मामूली गलतियों में सुधार कराने के नाम पर रुपये वसूलने की शिकायतों के बाद आधार कार्ड की कंपनी यूआईडी ने इसको बनवाने वाली सभी एजेंसियों पर शिकंजा कस दिया है।
इन एजेंसियों के अधिकांश सेंटर इस वक्त जांच के दायरे में हैं। इनके काम की गहन जांच हो रही है। गड़बड़झाला मिलने पर सेंटर निरस्त करने के साथ ही सख्त कानूनी कार्रवाई भी होगी।
उन्होंने बताया कि राजकीय या केंद्रीय कालेज, पोस्ट आफिस, कलक्ट्रेट, विकास भवन, तहसील, ग्राम पंचायत भवन और ब्लाक के कार्यालयों में ही यह सुविधा मिल सकेगी। यहां एक जिम्मेदार सरकारी अफसर की निगरानी में ही नये आधार कार्ड बनेंगे और उनमें त्रुटि सुधार कराया जा सकेगा।
सरकारी कार्यालयों में न के बराबर हैं केंद्र
एक ओर निजी केंद्रों पर आधार कार्ड बनवाने और उसमें भूल सुधार करवाने की सुविधाओं को बंद कराया जा रहा है। वहीं सरकारी विभागों में ऐसे आधार कार्ड बनवाने वाले केंद्रों की संख्या न के बराबर है।
आधार कार्ड बनवाने वाली एजेंसियों के कर्मियों का कहना है कि किसी सरकारी कार्यालय में मशीनें आदि लेकर जाने पर उनका दिन भर का खर्च भी नहीं निकलता है, इसलिए वह सरकारी परिसर में ये सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं।
अब नई व्यवस्था के अनुसार जो भी निर्देश मिलेंगे उसके अनुसार ही काम करेंगे। इधर, लोग आधार कार्ड न बन पाने और उनमें सुधार नहीं होने के कारण परेशान हैं।