क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
देशविरोधी मामलों के आरोपी डॉ. जाकिर नाइक को इस्लामिक हीरो के तौर पर पढ़ाने के मामले में बीएसए द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने विद्यालय इस्लामिक मिशन स्कूल में पहुंचकर जांच-पड़ताल की।
समिति को वर्तमान में पढ़ाई जा रही किताब में जाकिर नाइक का उल्लेख नहीं मिला। विद्यालय प्रबंधक ने बताया है कि पुरानी किताब में जाकिर का जिक्र था पर उस पर आरोप लगने के बाद यह पाठ से हटा दिया गया था। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है।
नगला पटवारी स्थित इस्लामिक मिशन स्कूल के बारे में बीएसए को यह जानकारी मिली थी कि वहां डॉ. जाकिर नाइक को इस्लामिक हीरो के रूप में पढ़ाया जा रहा है। इस पर बीएसए धीरेंद्र कुमार ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। तीन सदस्यीय समिति में बीईओ मुख्यालय जाकिर हुसैन, बीईओ नगर हेमलता व बीईओ जवां शामिल थे।
तीन सदस्यीय टीम ने स्कूल में जाकर जांच-पड़ताल की और पूछताछ के साथ-साथ किताबें देखीं। विद्यालय के प्रबंधक से पूछताछ की। बीईओ मुख्यालय जाकिर हुसैन ने बताया कि जांच में विद्यालय में जोे किताब मिली है, उसमें यह चैप्टर तो है, लेकिन इस चैप्टर में जाकिर नाईक का जिक्र नहीं है।
बीईओ मुख्यालय के मुताबिक प्रबंधक से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि जब जाकिर नाईक पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं था, तब वह उस चैप्टर में शामिल था।
वर्तमान में वह इस चैप्टर में शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि उसने अपने स्पष्टीकरण में भी यही कहा है। यह जांच रिपोर्ट उन्होंने बीएसए को दे दी है। उन्होंने यह भी बताया कि इस विद्यालय ने इसी साल परिषद स्तर की मान्यता प्राप्त की है।