नकल होते पाई गई तो केंद्र व्यवस्थापक होंगे जिम्मेदार
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारी तेज हो गई हैं। इसी के चलते डीआईओएस ने जिले के सभी परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकोें की बैठक की। बैठक में डीआईओएस ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि किसी भी सूरत में बोर्ड परीक्षा में नकल नहीं होने दी जाएगी। अगर नकल होते पाई गई तो केंद्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होंगे। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से एक सप्ताह के अंदर सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
वहीं डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश दिए कि वह परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड अथवा कोई अन्य प्रमाणित आईडी के आधार पर ही परीक्षा देने दें। इसके अलावा परीक्षा में ड्यूटी देने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को भी आधार कार्ड रखने के निर्देश दिए।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए जिले में 240 विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस बार 1.86 लाख परीक्षार्थी इसमें शामिल होंगे। शनिवार को डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने दो अलग-अलग शिफ्टों में परीक्षा केंद्र प्रभारियों की बैठक ली। पहली में अतरौली को छोड़ अन्य परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक शामिल थे, जबकि दूसरी बैठक में अतरौली के परीक्षा केंद्र व्यवस्थापकों ने हिस्सा लिया।
डीआईओएस ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे आवश्यक हैं। बिजली, पेयजल, शौचालय की सफाई भी सुनिश्चित कर ली जाए। विद्यालय में प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिकाएं व अन्य अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए स्ट्रांग रूम बनाया जाए। इसमें लोहे की अलमारी व एक बक्शा जरूरी है। परीक्षार्थियों के लिए फर्नीचर की व्यवस्था जरूरी है। विद्यालय में कार्यरत सभी शिक्षकोें का कंप्यूटराइज्ड फोटो युक्त परिचय पत्र बनवाकर उनके कार्यालय में जमा करा दिया जाए।
विद्यालय के कर्मचारी का परिचय पत्र भी प्रधानाचार्य अपने हस्ताक्षर से जारी करें। सभी शिक्षकों व कर्मचारियोें के आधार कार्ड की प्रधानाचार्य द्वारा प्रमाणित छायाप्रति भी कार्यालय में जमा कराई जाए। डीआईओएस ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि कहीं नकल होते पाई गई तो केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वैठक में वित्त एवं लेखाधिकारी मुरारीलाल, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।