दो नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ मुकदमे के आदेश
ब्यूरो,अमर उजाला, अलीगढ़।
कन्या भ्रूण परीक्षण मामले में रंगे हाथों पकड़े गए सिंघल नर्सिंग होम एवं गुप्ता नर्सिंग होम के संचालकों के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश हो गए हैं। डीएम ने दोनों अस्पतालों के अल्ट्रासाउंड के लाइसेंस भी निरस्त करने की संस्तुति की है।
एक अप्रैल 2016 को फरीदाबाद हरियाणा की स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग की टीम ने दुबे का पड़ाव स्थित डा. एके वार्ष्णेय के गुप्ता नर्सिंग होम तथा रामघाट रोड क्वार्सी चौराहा स्थित डा. सविता सिंघल के डा. केसी सिंघल हास्पिटल पर छापा मारा था। एक दंपति को भेजकर दोनों नर्सिंग होम में भ्रूण परीक्षण कराया गया था। परीक्षण होने पर दोनों अस्पतालों पर छापा मारा गया।
संबंधित दस्तावेज सील कर दिए गए थे। संयुक्त निदेशक अभियोजन ने मुकदमा दर्ज कराने की सलाह दी थी। दोनों ही नर्सिंग होम संचालकों को नियमों के उल्लंघन का दोषी भी ठहराया गया है। डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद ने बताया कि दोनों ही चिकित्सकों के विरुद्ध सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इनके अल्ट्रासाउंड लाइसेंस भी निरस्त किए जाएंगे।
85 निजी अस्पतालों को नोटिस
शिशु जन्म का ब्यौरा नहीं देने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। डीएम ने अलीगढ़ के 85 निजी अस्पताल संचालकों को कारण बताओ नोटिस देने के आदेश जारी कर दिए हैं। ये अस्पताल कई महीनों से बच्चों के जन्म से संबंधित सूचनाएं नहीं दे रहे हैं। इससे ये भी नहीं पता चल रहा है कि जिले में बालक और बालिका के जन्म का अनुपात क्या है?