Children to be treated at Malkhan Singh District Hospital.
- फोटो : Amar Ujala
सोमवार को चूहरपुर प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम के तहत सब्जी-रोटी और फल खाने के बाद सत्रह विद्यार्थी उल्टी, दस्त का शिकार हो गए। आननफानन सभी को निजी वाहन से गभाना सीएचसी ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद कुछ विद्यार्थियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीएचसी अधीक्षक के अनुसार सभी विद्यार्थी फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। सभी खतरे से बाहर बताए गए हैं।
बताते हैं कि चूहरपुर प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को 34 विद्यार्थियों समेत स्कूल के स्टाफ ने मध्याह्न भोजन योजना में खाना खाया था। फल में सभी को सेब दिया गया था। खाना खाने के बाद दोपहर बाद करीब ढाई बजे विद्यार्थियों को उल्टियां शुरू हो गईं। इसी के साथ दस्त आने लगे। एक-एक कर 17 विद्यार्थी उल्टी-दस्त का शिकार हो गए। यह देखकर शिक्षकों के हाथ, पैर फूल गए।
उन्होंने तत्काल अभिभावकों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही परिजनों के साथ गांव वाले स्कूल की ओर दौड़ पड़े। सभी विद्यार्थियों को तत्काल सीएचसी ले जाया गया, जहां से उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। सूचना मिलते ही खंड शिक्षाधिकारी माजुद्दीन अंसारी, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. हरेंद्र सिंह, मंत्री अमित चौहान भी अस्पताल पहुंचे।
एंबुलेंस न पहुंचने से ग्रामीणों में रहा रोष
एक साथ सत्रह विद्यार्थियों के उल्टी, दस्त का शिकार होने पर शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों के भी हाथ, पैर ढीले पड़ गए थे। शिक्षकों एवं अभिभावकों की ओर से विद्यार्थियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लगातार सरकारी एंबुलेंस सेवा को फोन किया गया, लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। उधर विद्यार्थियों की समस्या बढ़ती जा रही थी। इससे परेशान अभिभावक निजी वाहनों से सभी को लेकर अस्पताल पहुंचे। इससे ग्रामीणों में रोष रहा।
यह सभी बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए हैं। कुछ बच्चों को जिला अस्पताल भेजा गया है। कुछ को सीएचसी से ही राहत मिलने पर घर भेज दिया गया।
- डॉ. सतेंद्र सिंह, सीएचसी अधीक्षक गभाना