न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल हुई तो डीआईओएस को जिम्मेदार मानते हुए जेल भेजा जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि नकल विहीन परीक्षा कराना शासन का प्रमुख लक्ष्य है।
पिछले साल डिबार किये गए सेंटरों को इस बार की परीक्षाओं में किसी भी सूरत में सेंटर न बनाया जाय। विद्यार्थी एवं शिक्षकों के बजाय नकल माफिया को टारगेट किया जाय। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए आचार संहिता को देखते हुए विश्वविद्यालय की परीक्षाएं आचार संहिता लगने से पहले कराने के निर्देश भी दिये।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के अफसरों की क्लास ले रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी जिला विद्यालय निरीक्षक इस बार की यूपी बोर्ड परीक्षाओं से पहले बनाए गए परीक्षा केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण कर लें। वहां मूलभूत सुविधाओं से लेकर नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए व्यवस्थाएं पहले से कर ली जाएं।
इस बार के बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नाम से शुरू हुई नई योजना में दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसानों को तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपये के हिसाब से छह हजार रुपये प्रति वर्ष दिये जाने हैं। इसकी कार्ययोजना तैयार कर अधिक से अधिक किसानों को लाभ दिलाया जाय।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में डीएम चंद्रभूषण सिंह, मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद, एडीएम सिटी एसबी सिंह, एडीएम प्रशासन अजय श्रीवास्तव, एडीएम वित्त उदय सिंह, एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह, डीआईओएस डा.धर्मेंद्र शर्मा, एडीआईओएस दीप्ति वार्ष्णेय समेत अन्य अफसर मौजूद थे।
वीसी के चलते आईएएस वीक से एक दिन पहले लौटे अफसर
31 जनवरी से तीन फरवरी तक लखनऊ में आयोजित आईएएस वीक को मुख्यमंत्री की वीसी के चलते एक दिन पहले ही विराम दे दिया गया। इसके चलते डीएम चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ दिनेश चंद्र एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट जोगिंदर सिंह शनिवार को ही अलीगढ़ वापस लौट आए।