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12 घटाकर यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए बढ़ाए गए 18 परीक्षाकेंद्र

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के तहत जिले में 179 परीक्षा केंद्रों पर हाईस्कूल व इंटर के परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। इससे पूर्व शासन द्वारा जारी 173 की सूची में जिला परीक्षा समिति ने पहले तो 12 परीक्षा केंद्रों को हटाया था। इसके बाद 18 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जोड़ा। तब जाकर यह सूची 179 की बनी थी। जिसे शासन ने मंजूर कर लिया है।

दोबारा से जोड़े गए विद्यालयों की सूची देखकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं उड़ रही हैं। कहा जा रहा है कि सत्ता के नुमाइंदों के विद्यालयों को परीक्षा केंद्रों की सूची में बाद में जोड़ा गया है। इस मामले में डीआईओएस ने कहा कि जरूरत के हिसाब से ही परीक्षा केंद्रों का प्रस्ताव परीक्षा समिति ने परीक्षण करके ही भेजा है। बच्चों की सुविधाओं के अनुसार ही निर्णय लिया गया है।
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173 की सूची में से 12 विद्यालयों के काटे गए नामों में महीपाल हाईस्कूल अटा, श्रीराम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरौता, कन्या हाईस्कूल छर्रा, एचएल इंटर कॉलेज मोरथल, एसएफडी हाईस्कूल तकीपुर, जसराम सिंह हाईस्कूल नगला हंसी, श्रीपान सिंह इंटर कॉलेज ककराली बढै़पुरा, कन्ही सिंह इंटर कॉलेज बिजौली, रमेशचंद्र इंटर कॉलेज नगला मौनी, गगन कन्या इंटर कॉलेज गभाना, महर्षि गौतम इंटर कॉलेज सफेदपुरा, कर्पूरी देवी इंटर कॉलेज शिवाला खुर्द शामिल हैं।

जबकि बढ़ाए गए 18 विद्यालयों में नौरंगीलाल जीआईसी अलीगढ़, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज कलाई, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज दौरऊ मोड़, गायत्री इंटर कॉलेज सारसौल, कुंवरजीलाल इंटर कॉलेज पालीमुकीमपुर, करन सिंह इंटर कॉलेज हरदोई, डॉ. बीआरए इंटर कॉलेज बरला, वीरादेवी हाईस्कूल ऊंटासानी, अहिल्या बाई इंटर कॉलेज सिदानी फरीदपुर, बौहरे जगन्नाथ हाईस्कूल मुड़िया खेड़ा, कलापती देवी इंटर कॉलेज खेड़ा दयाल नगर, महेशचंद्र डिमांड इंटर कॉलेज नगला कोटा, एसएस इंटर कॉलेज चंदियाना रामपुर, आदर्श इंटर कॉलेज आदर्श नगर दादों, एनसीसी इंटर कॉलेज खैर, पंडित खूबीराम इंटर कॉलेज तेवथू, चौहान इंद्रवती इंटर कॉलेज जवां, चंचल इंटर कॉलेज बरौला जाफराबाद शामिल हैं।

सत्ता पक्ष में दागी भी कर लिए शामिल
179 बोर्ड परीक्षा केंद्रों की जब जिले के शिक्षकों, नकल माफिया तथा शिक्षा विभाग से जुडे़ लोगों ने सूची देखी। सभी तरह-तरह के आपस में कयास लगाने लगे हैं। लोगों का कहना है कि इस बार पूर्व में विगत वर्षों में डिबार रहे कॉलेजों को भी शामिल कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि यह वह डिबार कॉलेज वह हैं, जिन्होंने मिलीभगत करके अपने केंद्रों को डिबार सूची से कुछ साल पहले ही हटवाया था।
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दागी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है। विद्यालयों के निकट बच्चों के परीक्षा केंद्र पास लाने के कारण ही परीक्षण करके परीक्षा समिति द्वारा परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए थे।
- डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डीआईओएस
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