डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
नगर निगम वर्कशाप के सामने सेना की जमीन पर कूड़े का डंपिंग ग्राउंड बनाने पर नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ दायर किए मुकदमे की सुनवाई शनिवार को अदालत में हुई। जिसमें तय हुआ कि जहां डंपिंग हो रही है वहां से कूड़ा हटेगा और यह काम अदालत की निगरानी में होगा।
मामले की अगली सुनवाई अब तीन नवंबर को होगी।
नागरिक चेतना समिति की ओर से दायर किए मुकदमे की पैरवी कर रहे अधिवक्ता राम कृष्ण तिवारी और जीडी शर्मा ने बताया कि नगर निगम वर्कशाप वालों ने ट्रैक्टरों का डीजल घोटाला करने के लिए कूड़े की डंपिंग अपने ही वर्कशाप के सामने करनी शुरू कर दी। जिससे यहां पर 100 बीघा मैदान बड़े कूड़े के ढेर में बदल गया। यह जमीन सेना की है।
इस डंपिंग के चलते प्रतिभा कालोनी, न्यू राजेंद्र नगर, राजेंद्र नगर, नगर निगम कालोनी, क्रिश्चियन कालोनी आदि आसपास की हजारों की आबादी का जन स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है।
अभी भी वहां से कूड़ा हटाने का काम शुरू नहीं किया गया है। जबकि नगर निगम के अधिवक्ताओं ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि उस जमीन पर बोर्ड आदि लगाए जाएंगे कि यहां पर कूड़ा डालना दंडनीय अपराध है। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत में तय हुआ कि अब इस मामले की सुनवाई तीन नवंबर को होगी। राम कृष्ण तिवारी ने बताया कि मौके के ताजा साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाएगी।