न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की संवेदीकरण कार्यशाला में मंगलवार से आरंभ हो रहे टीबी के खिलाफ अभियान की व्यूह रचना की गई। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया कि 14 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग से 30 सुपरवाइजरों के साथ 130 टीमें काम करेंगी। इनकी मानीटरिंग के लिए 11 चिकित्सकों की टीम सक्रिय रहेगी।
उन्होंने बताया कि इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीण मलिन बस्तियों के हाई रिस्क एरिया में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। प्रतिदिन लगभग 40900 लोगों में टीबी के लक्षणों की जांच करायी जाएगी। टीबी संदिग्धों के सैंपल भी लिये जाएंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए माइक, रेडियो, एफएम, होर्डिंग तथा समाचार पत्रों में प्रचार प्रसार भी किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी अनुपम भास्कर ने बताया कि अलीगढ़ जिले में तीन सीबी नाट मशीन सक्रिय हैं, जो क्रमश: डीटीसी जिला मलखान सिंह अस्पताल, दीनदयाल संयुक्त अस्पताल एवं मेडिकल कालेज में लगी हुई है।
हरेक मरीज चाहें वो सरकारी क्षेत्र से हो या प्राइवेट को टीबी निकलने पर उस टीबी मरीज की जांच सीबी नाट से होगी। ताकि समय से ये पता चल सके कि कही वह रोगी ड्रग रेसिस्ट टीबी से पीड़ित तो नही। जिला कार्यक्रम समन्वयक सतेंद्र कुमार ने बताया कि टीम बहुत ही अच्छा कार्य कर रही है।
इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. सुनील मित्तल, सचिव डॉ. अवधेश भारद्वाज, कोषाध्यक्ष डॉ. विभव वार्ष्णेय के साथ आईएमए प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, डीपीपीएम कार्डिनेटर पीयूष अग्रवाल, डेविड शाही, टीबी एचआईवी कॉर्डिनेटर नईम अहमद, रविंद्र हरकुट, दुर्गेश वार्ष्णेय, धर्मेंद्र चौहान आदि उपस्थित थे।