न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रतिबंधित बोर की विदेशी पिस्टल रखने के आरोप में जेल भेजे के समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह को एटा जेल से अदालत के बिना तलबी वारंट के ही अलीगढ़ न्यायालय के लिए रवाना कर दिया गया।
वह तो गनीमत कि जब उनके करीबियों व वकीलों को उनके यहां आने की भनक लगी और जानकारी की तो पता चला कि यहां तो कोई तारीख ही नहीं है। इस पर खबर एटा प्रशासन तक पहुंची तो उन्हें आनन-फानन गोपी अकराबाद से वापस ले जाया गया।
हालांकि इस दौरान खबर पर गोपी तक उनके तमाम परिचित पहुंच गए और फिर बाद में यह परिचित एटा तक वापस राकेश सिंह को छोड़ने गए। एटा कारागार प्रशासन की इस बड़ी चूक को समाजवादी पार्टी व पूर्व विधायक परिवार ने साजिश करार दिया है। इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
वाकया इस तरह हुआ कि 31 मार्च की सुबह अलीगढ़ जेल से एटा जेल शिफ्ट किए गए पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह के करीबियों व अधिवक्ताओं को सोमवार दोपहर में यह खबर लगी कि उन्हें एटा से तारीख पर दीवानी न्यायालय लाया जा रहा है।
इस पर उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय में जाकर तारीख के संबंध में जानकारी करना शुरू किया तो खबर मिली कि उनकी तो आज सोमवार में कोई तारीख है ही नहीं। न किसी मामले में अदालत से तलबी वारंट एटा जेल भेजा गया है। इस पर सभी हैरान रह गए और इस बात की खबर एटा कारागार तक पहुंची कि आखिर उन्हें यहां किस आधार पर भेजा गया है। एटा कारागार में जब यह खबर पहुंची तो वहां के अधिकारियों के पसीने छूट गए। खबर एटा के जिलाधिकारी व एसएसपी तक पहुंची। कुल मिलाकर बिना तलबी वारंट या बिना तारीख के इस तरह पूर्व विधायक के जेल से भेजे जाने की खबर पर एटा प्रशासन हड़बड़ा गया।
इस पर जानकारी की तो पता चला कि पूर्व विधायक को लेकर गया पुलिस वाहन व पुलिस गारद सिकंदराराऊ से अकराबाद के मध्य गोपी के आसपास है। तत्काल उन सुरक्षाकर्मियों को पूर्व विधायक को वापस लाने का आदेश दिया गया। तब तक अलीगढ़ से उनके तमाम परिचित व परिजन तमाम आशंकाओं के चलते गोपी पहुंच गए।
फिर वहां से उन्हें वापस ले जाया गया। इस दौरान परिचित भी उनके वाहन के आगे पीछे एटा तक साथ गए। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाओं ने जन्म ले लिया है। परिजन तो शासन व पुलिस अधिकारियों के इशारे पर किसी गलत मंशा से उन्हें इस तरह यहां लाने की बात कह रहे हैं।
अलीगढ़ से शिफ्ट किए गए पूर्व विधायक ठा.राकेश सिंह का 2 अप्रैल का तलबी वारंट था, मगर बाद में पता चला कि वह तारीख बदलकर 6 अप्रैल हो गई है। इसलिए उन्हें यहां से निकाला गया था और फिर सच्चाई सामने आने पर रास्ते से वापस बुलाया गया। बाकी इससे ज्यादा कोई जानकारी नहीं है।
-पीपी सिंह, अधीक्षक कारागार एटा
- पार्टी के पूर्व विधायक ठा.राकेश सिंह की गिरफ्तारी से जुड़े इस प्रकरण में पहले से ही यह बात सामने आ रही है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। इस तरह बिना तारीख के जेल से भेजे जाने के पीछे भी किसी साजिश या षड्यंत्र की बू आ रही है, जिसकी निश्चित तौर पर उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। आखिर एटा से उन्हें किस गलत मंशा से लाया जा रहा था और पार्टी के वरिष्ठ नेता के साथ प्रशासन क्या गलत करना चाह रहा था। इस मामले में जांच की मांग करने के लिए पार्टी अपने स्तर से बड़ा निर्णय लेगी।
-अशोक यादव, सपा जिलाध्यक्ष