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एएमयू मास कॉम पेपर लीक पर पुलिस में नहीं दिख रहा तालमेल

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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एएमयू में पेपर लीक मामले में मास कॉम का पेपर लीक होने के मुद्दे पर पुलिस में ही तालमेल का अभाव दिख रहा है। एक तरफ जहां सीओ यह दावा कर रहे हैं कि मास कॉम का पेपर लीक हुआ था, इस बात के साक्ष्य मौजूद हैं। उन साक्ष्यों के आधार पर वह कुछ सवाल भी उठा रहे हैं। वहीं इस मामले में विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अभी इतना ही कह रहे हैं कि कुछ साक्ष्यों का संकलित किया जाना अभी बाकी है। उसके बाद ही तय हो पाएगा कि पेपर लीक हुआ था या नहीं।

बात कुछ इस तरह है कि एएमयू में एमबीए का पीपर लीक होने के दिन इस गैंग का सरगना बसपा नेता फिरोज आलम उर्फ राजा, पूर्व छात्र हैदर व दो एएमयू कर्मी गिरफ्तार किए गए। उनसे यह साफ हुआ कि एबीए के साथ-साथ इससे पहले बी लिब का भी पेपर वह आउट करा चुके हैं। उनके मोबाइलों की जांच में अलीगढ़ कोचिंग सेंटर संचालक सुभान का नाम सामने आया। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब सुभान के मोबाइल की जांच में यह बात सामने आई है कि इस गैंग द्वारा बनाए गए मोबाइल पर एंट्रेंस एग्जाम नाम से व्हाट्सएप ग्रुप में सुभान जुड़ा हुआ था। उसी दिन सुबह की पारी में सुभान ने खुद एएमयू में मास कॉम की प्रवेश परीक्षा भी दी है और उसी सुबह की पारी के वक्त में सुभान के पास एक आंसर की भी उसके व्हाट्सएप पर पहुंची है। इसे लेकर अंदेशा खड़ा होता है कि कहीं मास कॉम का पेपर लीक तो नहीं हुआ।
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इसे लेकर सीओ तृतीय अनिल समानिया दावा कर रहे हैं कि जब वह इस ग्रुप में जुड़ा है, खुद पेपर भी दे रहा है और उसके व्हाट्सएप पर आंसर की भी पहुंच रही है तो इससे बड़ी और क्या वजह हो सकती है पेपर लीक होने की। उनके अनुसार इससे साफ है कि एमबीए व बी लिब की तरह फिरोज रैकेट को मास कॉम का पेपर मिला और उन्होंने सुभान को पेपर सॉल्व कराकर आंसर की भेजी। इस मामले में जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं विवेचक इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार का कहना है कि यह सही है कि सुभान को उसके मोबाइल पर आंसर की फिरोज आदि के द्वारा भेजी गई है। इससे पेपर लीक होने की आशंका पैदा हो रही है। मगर अभी जांच में यह साक्ष्य नहीं मिले हैं कि फिरोज को किसी ने पेपर लीक करके दिया है या नहीं। वहीं यह भी अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि जो आंसर की सुभान को भेजी गई, वह सही है या गलत। एएमयू की मदद से आंसर की का मिलान कराने के साथ-साथ जेल गए एएमयू कर्मियों से बयान लेना बाकी है। उसके बाद तय होगा कि मास कॉम का पेपर आउट हुआ था या नहीं। रविवार की वजह से आज इस पर काम नहीं हो पाया। अब अग्रिम जांच सोमवार को की जाएगी।

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