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अलीगढ़ में बसपा की करारी हार की समीक्षा आज

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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बसपा सुप्रीमो मायावती सोमवार को लोकसभा चुनाव में हुई हार की सीटवार समीक्षा करेंगी, जिसमें अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र भी शामिल है। ये समीक्षा सुबह नौ बजे से गुरुद्वारा रकाबगंज नई दिल्ली स्थित बसपा मुख्यालय में होगी। बैठक में प्रदेश के सभी मंडलों के मंडल जोन कोआर्डिनेटर, जोन कोआर्डिनेटर, जिलाध्यक्ष, चुनाव हारे हुए प्रत्याशियों को तलब किया गया है ताकि हार के उन कारणों को जाना जा सके, जिससे पार्टी कमजोर हुई है।

इस समीक्षा बैठक के पहले ही अलीगढ़ में बसपा के प्रमुख चुनाव प्रभारी रहे पूर्व सांसद एवं राजस्थान के प्रभारी मुनकाद अली को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। अजीत बालियान के चुनाव में भी टिकट दिलाने से लेकर प्रचार के आखिरी घंटे और नतीजे के दिन तक मुनकाद अली सभी जगह साथ रहे थे। उनको हटाए जाने के बाद मंडल जोन कोआर्डिनेटर और जिलाध्यक्ष ही पूरी रिपोर्ट देंगे। अजीत का खुद का पक्ष, दोनों पक्षों की समीक्षा और निष्कर्ष भी सामने आएगा। प्रत्याशी अजीत बालियान और जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने बताया कि समीक्षा बैठक में पहुंच कर ही कुछ बता सकेंगे।
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विदित हो कि 23 मई को चुनाव नतीजे आने के 24 घंटे बाद ही बसपा प्रत्याशी अजीत बालियान ने अपनी ही पार्टी के कुछ जिलास्तरीय पदाधिकारियों और सपाई नेताओं पर भितरघात कर चुनाव हारने का आरोप लगा कर सनसनी मचा दी थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव के दौरान भी उनको इस तरह की खबरें मिल रही थीं कि उनकी ही पार्टी के लोग अंदरखाने भाजपा की मदद कर रहे हैं।
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अजीत के इन सनसनीखेज आरोपों का मंडल जोन कोआर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप और जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव ने पुरजोर विरोध करते हुए इसके साक्ष्य सामने रखने की बात कही थी। उक्त दोनों नेताओं ने ये भी कहा था कि चुनाव हार जाने के बाद ये सब कहना उचित नहीं है। अगर दौरान ए चुनाव उनको इसकी जानकारी थी तो उसी वक्त बताना चाहिए था ताकि हार की नौबत ही नहीं आती। अब आरोप लगा कर अपने चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी से बचना ठीक नहीं है। अंदरखाने भी स्थानीय बसपा नेताओं का कहना था कि अजीत के खेमे से ही चुनाव प्रचार के दौरान वो चुस्ती फुर्ती नहीं दिखी, जो हकीकत में होनी चाहिए।

उनके चुनाव प्रबंधक बसपा, सपा और रालोद के कार्यकर्ताओं को बांध कर नहीं रख सके, जिससे चुनाव में इतनी बड़ी हार मिली।
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