न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में एमबीए प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट होना एवं उसके उत्तर बाहर से तैयार होकर केंद्र तक पहुंचने का सनसनीखेज खुलासे को लेकर छात्रों एवं शिक्षकों में तीव्र आक्रोश है। एएमयू की साख पर दाग लगाने वाले इस मामले की जांच कराने की मांग एएमयू छात्र संघ एवं एएमयू टीचर्स एसोसिएशन द्वारा की जा रही है। शिक्षक संघ का कहना है कि किसी तरह की कोताही बरती गई तो सीबीआई जांच की मांग करेंगे।
किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय का प्रश्न पत्र आउट होना छोटी बात नहीं है। यह देश के विभिन्न प्रांतों के साधारण परिवार से आने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के हक पर डाका और एएमयू की परीक्षा प्रणाली की साख पर धक्का की तरह है।
एएमयू के छात्र एवं शिक्षक भी इसे इसी नजरिये से देख रहे हैं। दो हजार रुपये एवं प्रेमिकाओं के लिए इस तरह के कारनामे को अंजाम देने की कहानी किसी को हजम नहीं हो रही है। कैंपस के लोग चाहते हैं कि पर्दे के पीछे के जो चेहरे हैं, उसे बेनकाब किया जाए। चाहे वह कोई हो।
एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज का कहना है कि दो हजार रुपये या लड़की का मामला सही नहीं लगता। वह वीसी एवं एसएसपी से मिलकर इसके तह तक पहुंचने का आग्रह करेंगे ताकि दोषी लोेग बेनकाब हो सकें। एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) के महासचिव प्रो. नजमुल इस्लाम ने एएमयू प्रशासन द्वारा त्वरित एक्शन लेकर कुछ लोगों को पकड़ने एवं परीक्षा रद्द करने के निर्णय का स्वागत किया है।
लेकिन उनका यह भी कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है। पूरे घटना की जांच कर तह तक पहुंचने एवं इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वीसी प्रो. तारिक मंसूर इसमें कामयाब नहीं होते हैं तो हम लोग सीबीआई जांच की मांग करेंगे।