न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा रविवार को एक विष्णुपुरी बेलामार्ग स्थित एक हास्पिटल में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें आईएमए के यूपी स्टेट सचिव डा. जयंत शर्मा ने 24 मई को आईएमए यूपी के पदाधिकारियों के साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के साथ हुई बैठक में पारित प्रस्तावों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी चिकित्सक आम जनता को सस्ती दरों पर इलाज दे सकें इसके तहत 50 बैड की क्षमता वाले निजी अस्पतालों को क्लीनिकल स्टैब्लिशमेंट एक्ट से मुक्त करने का निर्णय लिया गया। जल्द ही इस एक्ट में संशोधन किया जायेगा, जिसका ड्राफ्ट आईएमए शासन को सौंपेगा। बताया कि फायर और बायोमेडिकल बेस्ट डिस्पोजल के नियमों को भी इसी प्रकार लागू किया जाएगा। फायर के लिए 15 मीटर ऊंचाई से कम के अस्पतालों को एनओसी लेना आवश्यक नहीं हैं। लेकिन, वहां आग बुझाने के आवश्यक संसाधन होने चाहिए।
संयुक्त सचिव डॉ. आलोक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बायोमेडिकल बेस्ट डिस्पोजल में विभिन्न प्रकार के वेस्ट को अलग कलर के डस्टबिन में रखना जरूरी है। वहीं सीएमओ रजिस्ट्रेशन के लिए पुराने संस्थानों को एक पेपर पर नवीनीकरण के लिए लिख कर देना होगा। सभी निर्णय चिकित्सकों को उत्पीड़न से बचाएंगे व मरीजों को निजी अस्पताल में सस्ती दरों पर इलाज भी मुहैया कराएंगे। इस मौके पर आईएमए यूपी स्टेट के अध्यक्ष डा. ए एम खान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. शरद अग्रवाल, सीईए कमेटी के अध्यक्ष डा. अमिताभ श्रीवास्तव, आईएमए सचिव डा. सुवेक वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।