न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में डेढ़ महीने से खेल निदेशालय के कोच का इंतजार हो रहा है। वहीं, कोच के अभाव में खिलाड़ियों के अभ्यास पर असर पड़ रहा था। इसलिए क्षेत्रीय क्रीड़ा कार्यालय ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोच की तैनाती कर दी, जिसका भुगतान खेल प्रोत्साहन समिति के फंड से होगा। मगर, मानदेय काफी कम है। लिहाजा वह खिलाड़ियों से पैसे मांग रहे हैं। ऐसा खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है।
खेल निदेशालय से बैडमिंटन, हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कुश्ती, एथलेटिक्स सहित अन्य खेल के कोच एक अप्रैल से पहले आ जाने चाहिए थे। डेढ़ महीने बीतने को है, पर उनका कोई अता-पता नहीं है। हालांकि, विभागीय अधिकारी का कहना है कि जून-जुलाई में कोच आ जाएंगे। सवाल उठता है कि इन महीनों में तो बारिश होती है, तो ऐसे में खिलाड़ी फिर बिना अभ्यास के रह जाएंगे। खेल निदेशालय से कोच न आने के चलते क्रीड़ा अधिकारी ने डीएम की अनुमति से बैडमिंटन, बॉक्सिंग, वेट लिफ्ट़िग, शूटिंग, फुटबॉल व एथलेटिक्स के लिए वैकल्पिक कोच नियुक्त कर दिया।
एनआईएस कोच को 5 हजार, राष्ट्रीय खिलाड़ी को 4 हजार व स्टेट व यूनिवर्सिटी खिलाड़ी को 3 हजार रुपये मानदेय दिए जा रहे हैं। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया है कि कोच उनसे पैसे मांग रहे हैं। उप क्रीड़ा अधिकारी अश्विनी कुमार त्यागी ने बताया कि यदि खिलाड़ी पैसा मांगने का आरोप लगा रहे हैं, तो इसकी सत्यता का पता लगाया जाएगा। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कहा, खेल निदेशालय से कोच जून-जुलाई में आ जाएंगे। निदेशालय से नियुक्त होने वाले एनआईएस कोच का मानेदय 25 हजार, राष्ट्रीय खिलाड़ी का 20 हजार व स्टेट व यूनिवर्सिटी खिलाड़ी का 10 हजार रुपये मानदेय होता है।